झूठ बोलने की झूठ बोलने की भी हद होती है पार्ट 3

रोज की तरह आज भी 8 साल की बेटी हिना सोने जा रही है लेकिन सोने से पहले

हिना – पापा पापा , आज मुझे कोई कहानी सुनाओ ना । कोई ऐसी कहानी जिसमें हीरो और विलेन शुरू में ही मर जाते हो ।

पापा – अच्छा , तुम्हें ऐसी कहानी सुननी है ।

हिना – ह ह ह …..हां पापा ।

पापा – तो ठीक है , लो बेटा , सुनो फिर एक ऐसी कहानी , जिसकी शुरुआत में ही हीरो और विलेन की मौत हो जाती है ।

हमममममम सोचने दो

हां

तो ठीक है बेटा सुनो ।

एक बड़े जंगल में 2 आदमी लड़ रहे थे । जिनमें से एक हीरो था और एक विलेन । उन्हें लड़ते हुए 2 दिन हो चुके थे लेकिन उनकी लड़ाई का कोई नतीजा नहीं निकला । वो लड़ ही रहे थे कि अचानक हीरो को याद आया कि वह तो आज से 4 साल पहले ही मर गया था तो फिर आज इस विलेन से कौन लड़ रहा है । इस बात ने उसे हैरान कर दिया और इसी मौके का फायदा उठाकर Villain ने उसके पेट में तलवार घुसा दी जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई । लेकिन एक सवाल अभी भी बाकी था कि जब वह 4 साल पहले ही मर चुका था तो अब Villain से कौन लड़ रहा था और जो अब मरा वह कौन था लेकिन इस सवाल का जवाब ढूंढ कौन है क्योंकि वह तो मर चुका था और अब जिंदा बचा था विलेन । लेकिन वह भी ज्यादा देर के लिए नहीं क्योंकि हिरो के मरने के बाद ही वहां पर एक धमाका हुआ जिसमें विलेन की भी मौत हो गई ।

इस बात को लगभग 10 साल बीत गए लेकिन इस बात का अभी तक पता नहीं चला कि जब वह 4 साल पहले मर चुका था तो जो विलेन से लड़ रहा था वह कौन था । इन 10 सालों में उसके दो बेटे राम और श्याम भी बड़े हो चुके थे और अब इस सवाल का जवाब ढूंढने की जिम्मेदारी राम और श्याम पर थी । एक दिन राम और श्याम अपनी मां का आशीर्वाद ले इस सवाल का जवाब ढूंढने सफर पर निकल गए लेकिन उन्हें यह नहीं पता था कि जाना कहा है ।

काफी देर ऐसे ही खाली बैठने के बाद उन्होंने सोचा क्यों ना पहले दक्षिण अफ्रीका जाया जाए क्योंकि वहीं से दुनिया की शुरुआत हुई थी और हो ना हो इस सवाल के जवाब भी वहीं से मिलेगा लेकिन दक्षिण अफ्रीका बहुत दूर था और बीच में समुंदर भी पढ़ता था इसलिए उनका जाना मुश्किल था । काफी देर खाली बैठने के बाद फिर उन्होंने सोचा क्यों ना हम दक्षिण अफ्रीका की जगह यही पास के जंगलों में चले जाएं क्योंकि लोग तो वहां पर भी रहते थे । दोनों भाइयों को यह बात अच्छी लगी और वह दक्षिण अफ्रीका की जगह पास के जंगल की ओर चल दिए ।

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जंगल का सफर बहुत लंबा था लेकिन उन्हें वहां पहुंचने में सिर्फ 2 दिन ही लगे , पहुंचते ही उनकी मुलाकात एक बुड्ढी सी औरत से हुई जिसके हाथ में एक अजब सा चमकता हुआ गजब का पत्थर था । भाइयों ने उनसे पूछताछ की तो पता चला कि अजब सा चमकता हुआ पत्थर हर सवाल का जवाब देता है तो भाइयों ने सोचा क्यों ना हम इसी से पूछ ले कि आखिर हमारे पिता के साथ क्या गड़बड़ हुई थी ।

दोनों भाई सवाल पूछने ही वाले थे कि बुड्ढी औरत बोल पड़ी ,

“यह चमकता हुआ पत्थर अब किसी सवाल का जवाब नहीं दे सकता क्योंकि इसके अंदर का एक हिस्सा टूट गया है , अगर तुम्हें इस सवाल का जवाब जानना है तो तुम्हें वह टुकड़ा लेकर आना होगा जो कि यहां से हजारों मील दूरी काली पहाड़ी पर है ”

अब दोनों भाई वह टूटा हुआ हिस्सा लेने काली पहाड़ी की ओर चल दिए जो कि समुंदर के उस पार थी । समुद्र को पार करने के लिए उन्हें एक नाव की जरूरत थी जिसके लिए उन्होंने कुछ पेड़ों को काटा और उस को जोड़कर एक नाव तैयार की ।

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अब दोनों भाई समुंदर में तैर रहे थे लेकिन उनका यह सफर आसान नहीं था । अभी वह आधी दूर भी नहीं पहुंचे थे कि बीच समुंदर में ही एक विशाल राक्षस उत्पन हुआ जिसने उन दोनों का रास्ता रोक लिया ।‌ यह विशाल राक्षस वही था जो कभी रामायण में हुआ करता था और अभी तक लोगों का रास्ता रोकने वाला काम नहीं छोड़ा जबकि बाकी लोगों ने इतना विकास कर लिया ।

उस विशाल राक्षस को देखते ही छोटे भाई ने बोला कि

” तुम्हें कोई और काम नहीं है क्या ,”

यह सुन राक्षस दुखी हो गया और बोला

“नहीं मैं बेरोजगार हूं । मुझे कोई काम नहीं मिला यहां तक कि मैंने बहुत सारी पढ़ाई भी की लेकिन पढ़ाई के बावजूद भी मुझे काम नहीं मिल पाया , इसलिए मैं लोगों का रास्ता रोक कर उनसे पैसा वसूली करता हूं , जिससे मेरा गुजारा होता है और मेरे 8 बच्चे और 14 बीवियां का खाली पेट में ऐसे ही भरता हूं ”

छोटे भाई को उसकी यह बात अच्छी नहीं लगी और उसने उससे कहा कि

” मैं तुम्हें काम दिलवाऊंगा लेकिन उसके लिए सबसे पहले तुमने मेरा काम करना होगा । तुमको हमें समुंदर के उस पार ले कर जाना होगा ।

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वह राक्षस मान गया और उन दोनों भाइयों को अपने कंधे पर बिठाकर समुंदर के उस पार लेकर जाने लगा । अभी राक्षस ने भी आधा सफर ही तय किया था कि उसे एक डायन मिल गई जो कि रास्ते में आने वाले लोगों को जिंदा खा जाती थी । उसे देख छोटे भाई को फिर से गुस्सा आ गया और उसने कहा

” तुम अभी भी यहां पर लोगों को खा रही हो, तुम्हें कोई और काम धंधा नहीं है क्या , कभी बाहर की दुनिया में भी गई हो , वहां पर लोग शाकाहारी हो गए हैं और तुम हो कि मांस मच्छी छोड़ने का नाम ही नहीं ले रही , अगर अच्छे काम नहीं करोगी तो नर्क में जगह मिलेगी । ”

यह सुन उस डायन का मुड बिगड़ गया और वह बिलबिला कर रोने लगी । उस का हदय पिघल गया। छोटे भाई ने उससे रोने का कारण पूछा तो उस डायन ने बताया कि मैं यहां से ही नहीं हिल सकती क्योंकि मेरे पैर रस्सी से बंधे हुए हैं इसलिए मेरे पास यहां पर खड़े खड़े लोगों को खाने के सिवा और कोई रास्ता नहीं । अगर तुम मेरी मदद कर दो तो मैं यहां से चली जाऊंगी । छोटे भाई ने उसकी मदद करने वाली सलाह मान ली और उसकी रस्सी तोड़ दी । रस्सी तोड़ते ही डायन एक सुंदर कन्या में बदल गई । उसे देख छोटा भाई बहुत खुश हुआ और उसने पूछा कि यह सब कैसे हुआ तो सुंदर कन्या ने बताया कि उसे किसी ने श्राप दे दिया था जिसकी वजह से वह डायन बनी हुई थी । इस रस्सी के टूटने के कारण वो श्राप भी टूट गया और मैं अपनी सामान्य अवस्था में आ गई । तुमने मेरी मदद की है अब मैं भी तुम्हारी मदद करूंगी बोलो तुम्हें क्या चाहिए । छोटे भाई ने बताया कि वह दोनों एक सवाल का जवाब ढूंढने के लिए समुंदर के उस पार जा रहे हैं तो उस सुंदर कन्या ने कहा कि वह भी तुम दोनों की मदद करेगी उस सवाल का जवाब ढूंढने में , लेकिन सवाल है क्या तो छोटे भाई ने बताया कि वह सवाल यह है कि मेरे पिता की 4 साल पहले ही मौत हो चुकी थी लेकिन इसके बावजूद वो 4 साल बाद फिर से एक विलेन के हाथों मर गए । यह सुन सुंदर कन्या का दिमाग चकरा गया और वह बेहोश होकर समुद्र में डूबने लगी ।छोटे भाई ने तुरंत समुद्र में छलांग मारकर उस डूबती हुए युवती को बचाया । दो दो बार बचाने के कारण उस सुंदर युवती पर छोटे भाई के एहसान और भी ज्यादा हो गए थे ।

और सुंदर युवती को भी एहसान चुकाने थे इसलिए उसने हमेशा-हमेशा के लिए छोटे भाई के साथ रहने का निर्णय किया । अब वह सुंदर युवती , राक्षस और दोनों भाई समुद्र के उस पार चलने लगे ।

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कुछ दिनों के सफर के बाद चारों ने समुद्र को पार कर लिया लेकिन अभी समस्या कम नहीं हुई थी उनके सामने एक और समस्या आ गई और वह थक बहुत बहुत बड़ा काला पहाड़ चारों ने उस पार को गौर से देखा गौर से देखने के बाद पता चला किस पहाड़ पर चढ़ने का कोई रास्ता नहीं है चारों परेशान हो गए तभी छोटे भाई ने कहा कि क्यों ना हम इस पहाड़ को तोड़ दे तो बड़े भाई ने कहा पागल हो क्या इतने बड़े पहाड़ को कौन तोड़ेगा इससे तो अच्छा है कि हम यहां पर क्लिक लगा लें जिससे ऊपर चढ़ना आसान हो जाएगा यह idea सबको पसंद आया और सभी ने लिफ्ट लगाने की सोची लेकिन लिफ्ट के लिए एक क्वेश्चन इंजीनियर की जरूरत पड़ती है और ऐसा कुशल इंजीनियर ढूंढना बहुत मुश्किल होता है लेकिन यह काम पहाड़ तोड़ने से ज्यादा आसान है चारों ने आसपास के इलाके में एक इंजीनियर की तलाश शुरू कर दी ।

क्या दोनों भाई इंजीनियर को ढूंढ़ पाएंगे या इस मोड़ पर भी कहानी एक नया मोड़ ले लेगी ,
क्या दोनों भाई अपने पिता के दिमाग में मरते वक्त आए सवाल का जवाब ढूंढ सकेंगे ।‌

आखिर हिना के पिता की आगे और क्या करने की प्लानिंग है इस कहानी में

जानने के लिए इंतजार करें इसके next पार्ट का ।

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