Adbhut Pahadi Bhag- 2

अद्भुत पहाड़ी भाग – 2

आमना-सामना 


पर किले के क़रीब जाते ही उनको एक अजीब सी गंध आने लगी। वो बदहवास करनेवाली गंध से अर्धमूर्छित होने लगे इतने में किसी की आवाज़ आयी,”अपने नाक पर रुमाल बांध लो” ये सुनते ही विकी ने सबसे पहले अपने नाक पररुमाल बांध लिया और योशी और रॉकी रुमाल बांधने तक अपना होश खो चुके थे। दोनों को गिरते हुए थाम कर विकी ने ज़मीन पर एक पत्थर के सहारे दोनों को बिठा दिया और इधर उधर देखने लगा कि उसे रुमाल बांधने की सलाह देने वाला कौन था? तभी उसके सामने वो रहस्यमयी साया आ गया जो कब से उनका पीछा कर रहा था। लगभग साढ़े छह फीट ऊंचा, हट्टा कट्टा आदमी विकी के सामने खड़ा था। उसकी बडी बडी लाल आंखें, माथे पर लगाया हुआ गहरा लाल रंग का टीका और लंबे जटाओं जैसे बाल यह सब देखकर कुछ देर केलिए विकी भी सहम गया। पर जैसे तैसे हिम्मत जुटाते हुए वो उस साए के सामने खडा हो गया।

वहीं दूसरी तरफ निकिता विकी को काफी वक्त से कॉल करने का प्रयास कर रही थी,पर विकी का मोबाइल कवरेज क्षेत्र के बाहर ही बता रहा था। उसने इंटरनेट से उस पहाड़ी के बारे में बहुत सी जानकारी इककठा कर ली थी, और इस वजह से वो काफी चिंतित थी अपने दोस्तों के लिए। निकिता बाकी दोनों दोस्तों के मोबाइल्स भी लगाने की कोशिश करती है, पर नतीजा वही कि दोनों के मोबाइल्स भी कवरेज क्षेत्र से बाहर ही बता रहे थे। अपने तीनों दोस्तों के फिक्र के मारे निकिता बेचैन हो गई। उसे समझ नहीं आ रहा कि वो क्या करें? कहीं तीनों कोई मुसीबत में तो नहीं हैं? तभी उसके दिमाग में एक प्लान आया और वो तुरंत एक बैग में कुछ चीज़े भरकर घर से निकल गई।

ये सुनकर उस साए ने जवाब दिया, “मेरा नाम भीमा है। मैं जंगल के पार एक छोटे से गांव में रहता हूं। हमारी पीढ़ियां इसी जंगल और महल के इर्दगिर्द रही है। इस जंगल के चप्पे चप्पे से वाकिफ हूं मैं। आपकी बातें सुनी मैंने कस्बे में, कि आप तीनों पूरी रात पहाड़ी पर बिताने जा रहे हो तो मैं आपके पीछे पीछे चल पड़ा ताकि आपको कोई तकलीफ हो तो मदद कर सकूं।”

विकी को यह अटपटा लगा, “मदद करने वाले छपछुप कर पीछा नहीं करते? सामने से आकर मदद करते है।”

भीमा उसे समझाने लगा, “फिलहाल आप के दोस्त खतरे में है, पहले उन्हें होश में लाते है और फिर बात करते है।”

भीमा और विकी मिलकर दोनों को होश में लाने का प्रयास करने लगे। एकदम से भीमा का हाथ विकी के हाथो को छू गया और भीमा चौंक कर विकी की तरफ देखने लगा पर विकी के ध्यान ना देने पर वो हल्के से मुस्कुराते हुए, फिर से दोनों को होश में लाने की कोशिश में जुट गया। भीमा ने विकी को एक फल दिया और दोनों कोखिलाने कहा। विकी ने उसके आत्मविश्वास से प्रभावित होते हुए, बिना वक़्त गंवाए दोनों के मुंह में फल डाल दिया ; और फल ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया। जल्दी ही दोनों दोस्त होश में आ गए।

पर उस साए को देख कर योशी सकपका गया, “तुम तो वहीं हो जो कस्बे में मेरी बातें चोरी छुपे सुनरहे थे? तुम यहां क्या कर रहे हो और तुम हो कौन?”

विकी ने योशी और रॉकी को भीमा के बारे में बताया कि किस तरह उसके ही वजह से वो सब बच गए वरना पता नहीं कब तक बेहोश रहते?

भीमा ने तभी जवाब दिया, “भाइयों सिर्फ बेहोश नहीं रहते आप, ये एक अजीबोगरीब गंध है, जो महल में कहां से आती है कोई नहीं जानता? महल में जो तेल, बारूद और रसायन रखें हुए थे उसके मिश्रण के वजह से यह जानलेवा गंध आती है। यह तेल और रसायन बहुत ही शुद्ध और भारी मात्रा में होने के कारण आज तक इस गंध का असर कम नहीं हुआ है। तेल और बारूद का मिश्रण आग लगने से फैलकर जंगल में पेड़ों के जड़ों तक चला गया इसके वजह से ना पेड़ जल सके पूरे और ना वापस उग पाए। पूरी ज़मीन में तेल और बारूद अंदर तक रीस चुका है। जब भी कोई माचिस की तीली या फिर जलती सिगरेट जंगल की ज़मीन पर डालता है तो वो आग उस पेड़ में लग जाती है जिनके जडों में आज भी तेल मौजूद है और पेड़ जलने लगते है।”

यह कहते कहते भीमा का ध्यान एकदम से रॉकी की तरफ गया और वह चौंक पड़ा। रॉकी जैसे नशे में झूल रहा था और ज़ोर ज़ोर से घूम रहा था। रॉकी जोरो शोरो से अजीब आवाजों में चिल्ला भी रहा था। भीमा ने दौड़कर उसे पकड़ लिया और विकी को उसके मुंह में कपड़ा ठूँसने को कहा। विकी ने वैसे ही किया औरअपनी बैग से रस्सी निकालकर रॉकी को एक पेड़ के सहारे बैठा कर बांध दिया।

भीमा परेशान होते हुए कहता है, “इसने शायद फल थूक दिया होगा इसलिए ये उस जानलेवा गंध का शिकार हो गया। अब इस के दिमाग पर इसका डर हावी होने लगेगा और इसी डर से बचने की कोशिश में ये अपनी जान गंवा बैठेगा। यही होता है जो भी रात में पहाड़ी पर रुकता है, उसके साथ। दिन में सूरज की रोशनी और धूप के कारण गैस का प्रभाव बहुत कम हो जाता है। इसलिए इसका असर दिन में नहीं होता।अब इसे सुबह होने तक संभाले रखना होगा वरना ये अपने डर से बचने के रास्ते ढूंढ़ता रहेगा।”

  योशी चिंतित होकर बोला, “इस हालत में रॉकी को सुबह तक रोक कर रखना आसान नहीं होगा। भीमा अगर तुम्हारे गांव जा सकते हैं तो अच्छा रहेगा।”

भीमा ने कहा, “मेरा गांव यहां से ३ घंटे की दूरी पर है वहां जाने तक इनको संभालना ज्यादा मुश्किल होगा।”  

विकी अपने मोबाइल में नेटवर्क ढूंढने की कोशिश कर रहा था पर उसे नेटवर्क नहीं मिलता।

विकी ने भीमा को पूछा, “क्या यह जंगली जानवरो का खतरा है?”

भीमा बिना किसी झिझक के जवाब देता है, “जी बिल्कुल नहीं। इस जानलेवा गंध और जली बुझी आग के कारण यहां कोई भी जानवर नहीं आता।”

इसी दौरान रॉकी में अजीब से बदलाव आ रहे थे जो कल्पना से परे थे सब के लिए। उसकी आंखें खून जैसी लाल हो चुकी थी चेहरा वीभत्स होता जा रहा था।

यह देख भीमा भी चौंक गया और कहने लगा, “इसे क्या हो रहा है? ऐसा होते हुए मैंने कभी नहींदेखा..??”

रॉकी उखडी उखडी आवाज़ में कहने लगा, “हमेंखोलो.. हमें बांधकर क्यों रखा है.. हमें खोलो वरना हम तुम सभी को जान से मार देंगे..!!”

परेशान होकर योशी ने पूछा, “रॉकी तुझे क्या हो रहाहै? तू ऐसी आवाज़ में क्यों बात कर रहा है?”

विकी योशी को समझाते हुए, “यह रॉकी की आवाज़ नहीं है। कौन हो तुम? ( रॉकी के चेहरे के पास जलतीहुई मशाल लाकर ) जवाब दो.. क्या चाहते हो..?”

भयावह बदले स्वर में रॉकी ने जवाब दिया, “हमें इसआग से डराना चाहता है मूर्ख लड़के? ये आग ही हमें सदियों से ज़िंदा रखे हुए है। हम है इस किले के सर्वेसर्वा यहां के राजा, महाराज तिलकराज।”

भीमा बुत बन गया और अपने मन की दुविधा में उसने पूछा, “ये कैसे हो सकता है?आप ज़िंदा कैसे हो सकते हो?आपको तो सदियों पहले आग में जल कर मर जाना चाहिए था? नहीं ये नहीं हो सकता.. ये नामुमकिन है, असंभव है.!”

रॉकी उसी भयावह स्वर में कहता है, “मूर्ख हमारे लिएअसंभव कुछ भी नहीं है। तुम्हे क्या लगता है हम कभी कोई युद्ध हारे क्यों नहीं? हम हमेशा से अमर होना चाहते थे और इस अद्भुत जंगल में ऐसी कई जड़ी बूटियां थी जिसमें अविश्वसनीय गुण है। हमारे किले के गर्भगृह में हम और हमारे वैद्य इसी खोज में जुटेहुए थे। गर्भगृह में खोज के अंतिम चरण में थे हम परकिले में लगी आग के कारण हम उसी गर्भगृह की प्रयोगशाला में कैद होकर रह गए। खुद पर काबू करते हुए हमने अपने आप पर प्रयोग जारी रखे। हम अमर तो नहीं हो पाए पर हमें अतिंद्रिय शक्तिया प्राप्त हो गई। तन मन को बोझिल करने वाली इस गंध के साथ एक मंत्र का भी उच्चारण है, पर ये वही इंसान सुन सकता है जो डरता हो और जिसका अपने दिमाग डर का शिकार हो। ये लड़का अब हमारा गुलाम है। इस की वजह से हम आज की रात कैद से आजाद हो जाएंगे। अमावस की रात हमारी शक्तियां दस गुना ज्यादा बढ़ जाती है ; औरआज हम इस कैद से निकलकर पूरी दुनिया कोअपना गुलाम बनाएंगे। पर उसके पहले उन गद्दारों को सज़ा देनी है जिन्होंने हमारे किले को आग लगाकर हमें जान से मारने की कोशिश की।”

भीमा ने अपने मन में उमड़ता सवाल पूछ ही लिया, “महाराज आप तो बड़े दयावान माने जाते थे।आपके दयालु और दरियादिली के काफी किस्से सुने थे मैंने। फिर इतनी क्रूरता आप में कहां से आई? और किसने आपके किले को आग लगाई थी??  इस बात को कई सौ वर्ष हो चुके है वो लोग अभी जीवित थोड़े ही होंगे??”

तिलकराज ने गुस्से में जवाब दिया, “अरे बेवकूफ आदमी, हम कभी दयावान नहीं थे। मीठी मीठी बातें कर के लोगो को अपने भरोसे में लेकर उन पर प्रयोग करते थे। जैविक हथियार बनाते थे। और फिर काम हो जाने के बाद सबको उस खाई में फेंक दिया करतेथे। हमारी बुद्धि और ताक़त का राज भी यही जड़ी बूटियां ही थी। और आग लगाने वाले हमारे ही सेनापति विक्रमादित्य थे!! उन्हें मासूम जनता पर होने वाले प्रयोगों से बडी नफरत थी। उस नफरत का ज़हर इस आग के रूप में फैलाया उस गद्दार ने हमारे किले पर। वो जिंदा हो या ना हो, उसका कोई वंशज तो जिंदा होगा? हम उसका पूरा वंश खत्म कर देंगे।ऐसी दर्दनाक मौत देंगे पूरे खानदान को कि फिर कोई महाराजा तिलकराज से गद्दारी करने की जुर्रत नहीं करेगा।”

योशी इन सब बातों को गौर से सुन रहा था। वो कुछ सोच रहा था। उसकी आंखे रॉकी के चेहरे को एकटक देख रही थी, पर उसकी नजरें रॉकी के हाथ के इशारे पर थी।

एकदम से तिलकराज ने अपनी तीखी नजरों से योशी को घूरते हुए कहा, “अच्छा तो ये नौजवान अभी भी तुम्हारी मदद करने की कोशिश कर रहा है? कोई बात नहीं, यह ज़रूर उस फल का असर होगा जो इसका दिमाग अभी तक पूरी तरह से हमारे वश में नहीं आ पाया है। थोड़ी देर में ये पूरी तरह से हमारा गुलाम बन जाएगा। तुम में से कोई ना इसकी कुछ मदद कर पाओगे ना अपने आपको बचा पाओगे।”

 योशी ने विकी और भीमा को थोड़ी दूर ले जाकर पूरी बात समझाई, “रॉकी पूरी तरह से उसकी काबू में नहीं है। जब तक वो पूरी तरह होश नहीं खो देता तब तक उसको बचा सकेंगे हम लोग। सुबह होने तक हमें उसे तहखाने में जाने से रोकना होगा और इसे तिलकराज से बचाना भी होगा।

विकी ने इधर उधर देखते हुए कहा, “जब तक रॉकी बंधा हुआ है तब तक वो सुरक्षित है। पर उसे कैसे बचाएं? वो क्या इशारे कर रहा था तुझे योशी?”

योशी ने उसे समझाया, “वो हमारे गेम में बोले जाने वाली सांकेतिक भाषा है जो सिर्फ मैं और रॉकी बोलतेहै।                     

Written By– Harsh Suhas  for Comic Haveli.

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