Adwika ( Adwitya Shakti ) Part – 2

अद्विका (अद्वित्या शक्ति )

भाग – 2

तीसरा अध्याय : वर्तमान (वो कौन थी)

एक ऊँची बिल्डिंग की छत पर बैठी उसकी निगाह अभी भी नीचे किसी को देख रही थी, उसके दिमाग़ में अद्विका की कहानी बसी हुई थी जो कि उसके बुज़ुर्गों ने उसे सुनाई थी कि किस तरह एक भयानक असुर ने एक बहादुर राजकुमारी की हत्या की थी, कहते हैं ये कहानी हर नयी पीढ़ी को विरासत में मिलती है और ये उनके लिए एक विरासत और ज़िम्मेदारी के समान है, अचानक एक हरकत ने उसका ध्यान खींचा, नीचे कोई एक साये की तरह एक स्थान से दूसरे स्थान जाते हुए दिखता है, वो अपना पूरा ध्यान केंद्रित करके वही बैठी होती है. कुछ देर बाद पास की गली से एक लड़की आती हुई दिखती है, शायद देर रात को कोई काम करते लौट रही होगी. जैसे जैसे वो लड़की पास आती है उस साये में से एक अजीब प्राणी की आकृति उभरने लगती है, साये से एक भयानक दिखने वाला जानवर सरीखा प्राणी जो इंसानो कि तरह पैरो पर खड़ा था थोड़ा झुका हुआ और उसके 4 हाथ थे बकरी की टाँगो जितने पतले , पर मज़बूत पकड़.
जैसे ही वो लड़की वहाँ पहुँचती है वो उसपर एक झपट्टा मार कर उसे नीचे गिरा देता है, ये सारा दृश्य देख जब उसे यक़ीन हो जाता है की यह छाया से बाहर आ चुका है, वो ऊपर से छलाँग लगा देती है, और नीचे गिरते हुए बीच रास्ते में अपने हाथ फैलाती है, जिससे उसका कास्टूम पैराशूट इफ़ेक्ट क्रिएट करता है और उसके नीचे आने की गति कंट्रोल में आ जाती है वो वो आराम से नीचे आने लगती है रास्ते में वो अपने बूट में लगी गन भी निकाल कर फायर करती है जिससे वो प्राणी बंद गलियों से बाहर खुली सड़क पर आ जाता है..
उसके नीचे आने तक वो प्राणी उस लड़की को मार चुका होता है, ओर अब उसको ही देख रहा है, थोड़ा घूरने के बाद वो आक्रमण करता है पर ये झुकाई देकर बच के अपनी गन से एक और वार करती है जिससे इस प्राणी की टांग ज़ख़्मी हो जाती है और वो मोके का फ़ायदा उठा कर अपनी बेल्ट में से एक डिवाइस निकालकर उस प्राणी के उपर फेंकती है, जिससे एक फ़ोर्स फ़ील्ड क्रिएट हो कर  उस प्राणी को क़ैद कर लेती है |
प्राणी के कैद होते ही उसके इशारे पर आसपास से काफ़ी लोग वहाँ आते हैं , वो सभी भी सेम टाइप की कॉस्टयूम में होते हैं जैसी इसकी थी|

अमन (एक टीम मेम्बर) : मुझे तो लग नहीं रहा था की ये पकड़ा भी जाएगा, कमाल कर दिया विधि !

ये है विधि , विधि सिंह इस पूरी टीम की लीडर

विधि : और तुम क्या कर रहे थे, दीवार के पीछे छुपे हुए तमाशा देख रहे थे ?

अमन : अब तुम्हारा ही ऑर्डर था की कोई भी बीच में नहीं आएगा, और हमें लीडर का ऑर्डर तो फ़ॉलो करना ही है |
विधि : चलो चलो अब काम करो, इस महाशय को हेड क्वॉर्टर ले जाओ और जहाँ से आया है वहीं छोड़ दो, और इस जगह को साफ़ कराओ, मैं नहीं चाहती कोई भी फ़ालतू में यहाँ इस घटना को रिपोर्ट करे, और  समीर..

समीर (दूसरा टीम मेम्बर): तुम मुझे पता करके बताओ ये किसकी मिस्टेक थी, और ये यहाँ तक पहुँचा कैसे….?

समीर : यस मैडम , मैं इसका पता करता हूँ |

विधि : ठीक है तुम जल्द से जल्द मुझे रिपोर्ट करना, अब मैं चलती हूँ |

किसी दूसरे स्थान पर एक बड़े से कमरे में ठीक बीचों बीच एक बुज़ुर्ग आदमी ध्यान लगा कर बैठा  है, कमरा काफ़ी बड़ा और भव्य होने के साथ साथ काफ़ी सिम्पल भी है, पूरा white कलर का पेंट , white पर्दे और कुछ डेकरेशन का समान वो भी white..
बीच में बैठे बुज़ुर्ग भी सफ़ेद वस्त्र धारण किए हुए थे, अपने आसन पर  बहुत शांत मुद्रा में ध्यान लगाकर बैठे थे, जैसे ही उन्हें आगे से देखेंगे तो सफ़ेद बड़ी दाढ़ी, मूँछें और सफ़ेद लंबे बाल, मुख पर सूर्य के समान तेज़, जैसे उन्हें देख के किसी महात्मा के दर्शन कर लिए हों |
थोड़ी देर बाद जैसे ही विधि रूम में एंटर करती है, वो अपनी आँखे खोलकर बोलते हैं,

भानु (विधि के पिताजी) : आओ बेटा, तो कुछ पता चला की वो कहाँ से आया था?

विधि : नहीं पिताजी अभी तो हमने उसे क़ाबू में पा लिया है, और उसे quarantine zone में भेज दिया है|

भानु : हाँ मैंने देखा, तुम उस कन्या की चिंता ना करो उसका समय आ गया था उस क्षण के बाद उसका भविष्य लिखा ही नहीं गया था तो उसका अंत निश्चित था, और एक निश्चित हो चुका भविष्य आना ही होता है,  घटननाएँ सिर्फ़ हमें वहाँ तक ले जाती है एक मार्ग की तरह|

विधि : जी पिताजी, अगर आपकी आज्ञा हो तो मैं जाऊँ ?

भानु : अभी तो जाओ, पर घटनाए आकार धारण करने लगी है, समय नज़दीक है जिसके लिए हमारे वंश का जन्म हुआ है |

उसके बाद वो फिर से ध्यान में लग जाते हैं और विधि वहाँ से चली जाती है |
विधि घर से बाहर निकल कर अपनी कार लेकर वहाँ से निकल जाती है, और थोड़ी देर बाद हेड क्वॉर्टर में लगभग सुबह 4 बजे का समय होगा, विधि वहाँ एंटर करती है और आते ही वह एक बोलती है “समीर को अभी मेरे कैबिन में आने को बोलो”

कुछ देर बाद समीर विधि के कैबिन में एंटर करता है

विधि : तो कुछ अपडेट ? 
समीर : मैंने सभी सिस्टम चेक किए, अभी तक कोई लीकेज नहीं मिला …

विधि : हूँ, survilance टीम से डिटेल्ज़ लो, लगता है we got a new creature,  हमें जल्दी ही blockage लगाना पड़ेगा

समीर : यस मैडम

वहीं एक दूसरी जगह एक कैफ़े में काफ़ी हलचल हो रही होती है… लोग वहाँ बैठे अपना टाइम पास कर रहे थे, कुछ बाते कर रहे थे , कुछ एक कॉफ़ी के साथ किताब पढने में बिज़ी थे, कैफ़े के बाहर रोड पर एक लड़की चलती हुई आती है, एंकल हाइट बूट्स, स्मूथ लेग्स, डेनिम शॉर्ट्स, टाइट टॉप ऊपर से एक हुडी जैकेट डाले हुए सिर को हुड से ढक रखा है|
कैफ़े के गेट पर आकर अन्दर एंटर करती है और पूरे कैफ़े में देखती हुई एक टेबल पर बैठे लोगों को हाथ उठा के हेलो बोलती है और वहाँ जाकर बैठ जाती है|

फ़्रेंड 1: हाई अनन्या

अनन्या : हाई ऑल लव्ली पीपल क्या हाल सबके

फ़्रेंड 2: हाई बहुत दिनो बाद मिले, कहाँ ग़ायब हो गयी थी  ?

अनन्या : बस कुछ नहीं यार, थोड़ा पर्सनल इशू ज़्यादा चल रहा था तो किसी से मिल नहीं पायी, अभी मैंने सोचा अमित यहाँ तुम्हारे साथ बैठा है, यहाँ आके तुम सबसे मिल लूँगी ओर इसे पिक भी कर लूँगी

फ़्रेंड 1 : अच्छा इससे क्या काम है ?

अनन्या : कुछ नहीं यार डॉक्टर के पास जाना है ओर ये मुझे ड्रॉप कर देगा, चलो गाइज़ अभी हम चलते है.. we will catch up very soon….

अमित : चलो अनन्या

कैफ़े से बाहर आकर

अमित : तुम भी अजीब हो, अभी पता नहीं कैसे किसी चमत्कार की तरह कैन्सर से बची हो, पिछले 2 सालों से कीमो थेरपी पे थी तुम , किसी से कोई कांटैक्ट नहीं और किसी को कुछ बताती भी नहीं…, वो तो शुक्र मनाओ मैं तुम्हारे यहाँ आता जाता रहता हूँ तो मुझे पता है, नहीं तो तुम रातों रात ग़ायब हो जाओ और पता भी ना चले|

अनन्या : अरे तुम हो ना पूरी दुनिया में ढिंढोरा पिटने के लिए

अमित : तुमसे बस मज़ाक़ करालों, लो जी पहुँच गए हॉस्पिटल

हॉस्पिटल में दोनो डॉक्टर के कबिन में पहुँचते है

अनन्या : हेलो डॉक्टर

Dr ज़फ़र : हेलो  अनन्या, how are you feeling now?

अनन्या : I am Feeling great, डॉक्टर, कभी इससे बेटर फ़ील नहीं हुआ

Dr ज़फ़र : yes I can understand, मैंने तुम्हारी रिपोर्ट्स देखी, यू इम्प्रूव्ड आ लाट, किसी और केस में मैंने इतना इम्प्रूव्मेंट नहीं देखा और वो भी इतनी फ़ास्ट, अगर बोलूं तो जितना इम्प्रूव तुम्हारा लास्ट 2 सालों का था उससे ज़्यादा अभी लास्ट एक वीक में हुआ है, मैं काफ़ी ख़ुश भी हूँ और सर्प्राइज़्ड भी …
मुझे तुम्हारे ब्लड का एक और सम्पल लेना होगा, मुझे तुम्हारी प्राग्रेस पर प्रॉपर ट्रैक रखना होगा कहीं कुछ गड़बड़ ना हो|

अनन्या : ओके डॉक्टर

डॉक्टर ब्लड लेने के लिए सरिंज तैयार करते हुए बोलता है

Dr ज़फ़र : by the way, you are looking great, तुमने कुछ ब्यूटी ट्रीटमेंट भी लिए है क्या ?

अनन्या : नोट मच डॉक्टर, कीमो की बजह से सिर में काफ़ी बाल उड गए थे बस, hair treatment लिया है, लास्ट वीक

Dr ज़फ़र : ओके, मुझे लगता है काफ़ी अच्छा काम किया है, पता ही नहीं लग रहा, and you are looking gorgeous..

अनन्या : ओह थैंक्स डॉक्टर

वो अपना ब्लड सैम्पल देकर वह से निकल जाते है

चतुर्थ अध्याय : बहुत बड़ी गलती

(अतीत में)
गुरु शुक्राचार्य अपने आश्रम में बैठे में किसी की प्रतीक्षा कर रहे है, वह पिताम्बर धारण किए पद्मासन मुद्रा में अपने आसान पर विराजमान थे, तभी वहाँ पाशा प्रवेश करता है,

पाशा : गुरुदेव, ऐसा क्या हो गया जो अपने मुझे तुरंत आने का निमंत्रण भेजा, हम वहाँ काफ़ी कार्यों में व्यस्त थे ?

शुक्राचार्य : राजन हम जानते हैं आप किन ज़रूरी कार्यों में व्यस्त थे आपको अगर, अपने मदिरा और रंग महल से मुक्ति मिले तो आप मुझे स्मरण करने का कष्ट करें …

पाशा : अब बताइए भी गुरुदेव

शुक्राचार्य : राजन पहले आप हमें बताए कि आपका उद्देश्य क्या है?

पाशा : धरती को विजय करके उसपे असुर साम्राज्य पुनः स्थापित करना…

शुक्राचार्य : ओर उसके लिए मैंने आपको क्या चेताया था?

पाशा : यही की देवता बड़े छली हैं वो कोई ना कोई उपाय कर रहे होंगे 

शुक्राचार्य : अच्छा तो तुम्हें ये बात स्मरण है, और मैंने तुम्हें पंचव राज्य पर आक्रमण करने को क्यूँ कहा ?

पाशा : वो आपका आदेश था कि में इस राज्य के राजा और रानी के साथ उनकी राजकुमारी को भी मार दूँ, हालाँकि उसे पहली बार देखते ही, मेरा मन उस पर आ गया था, मैं उससे विवाह करने का इच्छुक हो गया था, परंतु गुरु आदेश के आगे मैंने अपने मन को मार कर उसका वध कर दिया|

शुक्राचार्य : अपनी मृत्यु सभी को आकर्षित करती है वत्स

पाशा : आप का तात्पर्य क्या है गुरुदेव ?

शुक्राचार्य : तुम मेरी अंतिम आस हो पुत्र, और तुम्हारे बाद मुझे पता नहीं असुर वंश का क्या हो, इसी कारण बस धरती पर विजय पाने से पहले मैं तुम्हारी मृत्यु को ख़त्म करना चाहता था, जब तुम्हारे जन्म की ख़बर देवताओं को लगी तो उन्होंने भी तुम्हारी मृत्यु के मार्ग विकसित करना शुरु कर दिया, मुझे लगा कोई देवता या देव अवतरित होने वाले होंगे.. परंतु कई वर्ष प्रतीक्षा करने के पश्चात् भी जब किसी देवता के अवतरित होने की ख़बर ना मिली तो मैंने धरती पर शक्ति संतुलन का परीक्षण शुरु कर दिया, 1 वर्ष की खोज के बाद जो मुझे पता चला उसकी मैंने अपेक्षा भी नहीं की थी, इस बार देवताओं ने बीच में ना आके, स्वयं आदिशक्ति ने अद्विका को भेजा है ….

पाशा : अद्विका, पंचव राज्य की राजकुमारी?

शुक्राचार्य: उसका सिर्फ़ नाम ही अद्विका नहीं वो स्वयं अद्विका है, अद्विका एक महाशक्ति है|

पाशा : परंतु ऐसी कोई भी शक्ति मेरी जानकारी से बाहर है

शुक्राचार्य : वो इसलिए पुत्र कि आज से पहले कभी ये उत्पन भी नहीं हुई थी, सारे देव, दानव और मानव कुछ नियमो द्वारा बंधे हुए हैं, स्वयं देवता भी नियमो को नहीं तोड़ सकते, उनमें से एक प्रमुख नियम है तत्व समंत्व का, जिसके तहत, कुछ भी अगर इस आयाम में निर्मित होगा तो उसका विपरीत रूप दूसरे आयाम भी होगा, और सभी मुख्य आयामों में उसकी रचना अनिवार्य है वो भी अच्छी और बुरी ऊर्जा को संतुलित रखते हुए,  उसकी शक्ति सभी आयामों में बराबर बाटी जाएगी, सिर्फ़ आदिशक्ति ही इस के परे जाके अद्विका का निर्माण कर सकती हैं जिसका कोई रूप दूसरे आयाम में ना हो, ऐसी ही शक्ति को अद्विका कहते हैं|

पाशा शुक्राचार्य को देखता है और कुछ समझने की कोशिश करता है
शुक्राचार्य : ऐसे क्या देख रहे हो पुत्र ?
पाशा : गुरुदेव अब जब मैं उसका वध कर चुका हूँ तो …?
शुक्राचार्य : तो वही तो मेरी चिंता का दूसरा कारण है, जिसके लिए मैंने तुम्हें यहाँ बुलाया, मैंने बदलती ग्रहों की दशा देखी, जो तुम्हारे आदेश ना मानने के कारण हुई है, अद्विका का वध एक ख़ास नक्षत्र में होना था और तुमने उसे पहले  मार दिया, ग्रहों की चाल बता रही है जल्द ही कुछ बहुत बड़ा होने वाला है, मैंने तुम्हें सचेत करने के लिए बुलाया है, और याद रहे पुत्र कोई भी अजीब या कुछ भी नया घटित हो तुम मुझे बिना समय गँवायें उसकी ख़बर करोगे |
याद रहे तुम अमर नहीं हो, अद्विका के वध के साथ तुम्हें मृत्युंजय होना था परंतु तुम्हारी मूर्खता की वजह से तुम अभी तक नाशवान हो |
अद्विका को समझना होगा, पता नहीं और क्या राज छुपे हों जो अभी जानना बाक़ी है|

Adwika ( Adwitya Shakti ) Part – 3

अद्विका (अद्वित्या शक्ति ) पंचम अध्याय : अश्वमानव पाशा अपने कक्ष में विश्राम कर रहा है तभी वहाँ एक सेवक आता है, सेवक : महाराज की जय हो, एक गुप्तचर …

Written By –  Sonya Singh for Comic Haveli 

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9 Comments on “Adwika ( Adwitya Shakti ) Part – 2”

  1. achi kahani h lgta h lekin abhi kuch bhi pta nhi chl paa rha h… kahani bandhi huyi nhi lagi… btw all d bst hope jabardast mahila kirdar hoga…

  2. ek shandar kahani
    description bahut hi ache se kiya hai apne cheezo ka
    naya kirdar ke sath kuch backlogs hai phir bhi log unhe yad rakhte hai
    best of luck for a strong woman character

  3. Sonya ji pahle part me itna kuch pata nahi chal paya tha.
    But this part is awesome.
    Bahut jabardast lagi mujhe ye
    Haveli k lekhako ko pata nahi kya ho gaya hai
    Mujhe mauka hi nahi dena chahte kuch points bolne ka
    Har chiz sahi
    Aajkal ka fashion hai hindi me english mix karna to uske lekar kuch nahi bolunga
    Ab aata hu story par

    Is part k andar 2 sub part the
    1 modern aur 1 wahi arambh wala
    Bas dono me link nahi samjh me aa raha hai
    Jo ki mujhe pata hai aage jake samjh me aayega
    Kya vidhi hi adwika ka roop hai?
    Sameer ka kya role rhega?
    Ananya kaun hai aur uska is kahani me kya role rhega
    Pasha to dusre yug me hai agar wo aayega bhi to kaise aayega
    Panchav rajya kaun kaun se hain aur uska kya link hai pasha ki mrityu k sath?
    Ye 2 dimension me ek sath 2 opposite characters wala concept mujhe bahut pasand aaya
    Sonya ji mujhe sach me bahut intezaar hai is kahani k agle bhag ka.
    Bahut kuch janna baki hai

  4. ओह तो आखिर इस पार्ट में पता चला की अद्विका असल में एक कहानी थी।
    पर क्या उस कहानी से विधि का कुछ कनेक्शन है। सच कहूँ रहस्य बहुत खतरनाक है मेरे सर के ऊपर से गुज़र रहे हैं। पर कहानी बहुत ही अच्छी लग रही है दोनों पार्ट पढ़ने के बाद अब तीसरा पार्ट पढ़ने को बहुत ज़्यादा आतुर हो चुका हूँ।

  5. na na na …shaayd ..yeh writer jb apna cmnt likh rhy thy ..tab inhoo ny yeh nhi sochaa hoga ki aagy kyaa hogaa. aur yaha pr ik msg miltaa hy. .ki hr ik chij ky oichy kuch na kuch karan hota hy … really good ..nice story ..vo bi isliy ..kyunki mene isky aagy ky part phly hi pad liyaa hy ..tho mujy koi confusion nahi. …soo mera koi swaall bi nhi ..kyunki ..m sab kuch jaanta hu ..nuce story

  6. Maja aaya Jo do alag alag jagah story chal rahi ye ananaya ki hair transplant wali baat ka mujhe adwika se connection lag raha

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