Comics Ki Yaadein 2

कॉमिक्स की यादें

दूसरी कड़ी

हमारे बचपन का एक अभिन्न अंग है कॉमिक्स जो सिर्फ मनोरंजन का साधन मात्र नही था बल्कि ज्ञान और देशभक्ति की भावना भी जागृत करता था। चाहे वो राज कॉमिक्स के पात्र हों या मनोज कॉमिक्स के या फिर किसी और पब्लिकेशन के पात्र हों हर कहानी अपने आप मे एक संदेश छोड़ जाती थी ।
आज रक्षाबन्धन के शुभ अवसर पर कॉमिक हवेली प्रस्तुत करते हैं भाई-बहन और कॉमिक्स , आज हम आपको बताएंगे कि कॉमिक्स में किस तरह भाई और बहन के रिश्ते को दर्शाया गया है ।
तो शुरू करते हैं मनोज कॉमिक्स से मनोज कॉमिक्स हमारे बचपन का एक ऐसा साथी जिसने ना सिर्फ हमारा मनोरंजन किया बल्कि हमें ऐसी ऐसी शिक्षा भी दी जिसे हम आज तक नही भूले हैं इन्ही में एक शिक्षा थी भाई का बहन के लिए त्याग मनोज कॉमिक्स के जिस भी कॉमिक्स में भाई बहन का किरदार रखा जाता था उसमें भाई को हमेशा बहन पर समर्पित रहने का जज्बा याद दिलाते हुए दिखाया जाता था चाहे वो जनरल कॉमिक्स हो या मनोज कॉमिक्स की बहुचर्चित जोड़ी राम और रहीम हो जी राम और रहीम दोनो दोस्त से ज्यादा भाई थे ये तब की बात है जब राम, रहीम से मिलने पाकिस्तान जाता है जहां परिस्थिती वश राम को अपराधी घोषित कर दिया जाता है और राम की सहायता करने पर रहीम का पूरा परिवार खतरे में पड़ जाता है राम किसी तरह रहीम और उसके पिता को बचा लेता है । फिर निकल पड़ता है एक भाई का फर्ज निभाने रहीम की बहन जो पाकिस्तान में ही कहीं और रहती थी उसको बचाने के लिए राम अपनी जान की बाजी लगा देता लेकिन उसके लाख कोशिशों के बाद भी वो उस अभागन को नही बचा पाता लेकिन उसकी बांधी राखी की कसम खाता है और उसके हत्यारे से उसकी हत्या का बदला लेकर ही दम लेता है ।
राज कॉमिक्स भी भाई-बहन के रिश्ते को निखारने में पीछे नही है इसमें भी कुछ ऐसे भाई बहन की जोड़ियां है जो अपने आप मे एक मिसाल हैं इसमे सबसे पहला नाम आता है तुरीन और शूतान का , जब भोकाल पर लगता है महाराज विकास मोहन की हत्या का आरोप और भोकाल के चरित्र हीन होने का आरोप तब शूतान तुरीन के द्वारा बांधे गए रक्षासूत्र की कसम खाता है और निकल पड़ता है भोकाल को सभी आरोपों से बचाने के लिए और जान की बाजी लगाकर शूतान ने उस षडयंत्र को बेनकाब कर देता है जो माया के द्वारा रचा गया था । फिर तुरीन के दुबारा लौट आने के बाद जब भोकाल , कुबड़ा शैतान के षड़यंत्र में फस कर तुरीन को आहत करता है तब शूतान तुरीन को अपने साथ ले जाता है जहाँ तुरीन भोकाल के पुत्र यशश्वी को जन्म देती है।
ऐसे कितनी बार शूतान ने एक सच्चे भाई होने धर्म निभाता है जब भी तुरीन को उसकी मदद की आवश्यकता पड़ती उसके कहे बिना ही वो उसकी मदद करने को हमेशा तैयार रहता ।
अब जब भोकाल की बात उठी है तो भोकाल की बहन फिजा के बारे में भी बता ही देता हूँ, महाबली भोकाल जब तन्त्रा के खात्मे के बाद अग्निप्रवेश करते है तब वो उस अग्नि में जलने के बजाय गायब होकर परीलोक पहुच जाते हैं और वहां की दुर्दशा देखकर और महागुरु भोकाल से मिलने के बाद भोकाल और तुरीन मिलकर परीलोक को फिर से बसाने के मुहिम पर निकल पड़ते हैं तब भोकाल की मुलाकात होती है एक घायल और डरी हुई परी फिजा से जिसे देखकर भोकाल चौंक जाता है अचानक फिजा गायब हो जाती है । किसी तरह भोकाल उसे ढूढ़ निकालता है लेकिन फिर उसे पता चल जाता है कि वो असली फिजा नही है । तब भोकाल खुद उसको मौत के घाट उतार देता है । फिर एक तिलिस्मी गुफा में फसने के बाद वो असली फिजा से मिलता है और फिर जब भोकाल नारकजाल में चोरबालू से लड़ रहा था तब भोकाल को बचाने के लिए फिजा वज्रा का वार अपने ऊपर झेल लेती है और वहीं भोकाल और तुरीन की बाहों में ही दम तोड़ देती है । फिर भोकाल और शक्तिशाली मिलकर उसी वज्रा से चोरबालू का खात्मा करते हैं ।
जब भाई-बहन की बात हो रही है तब धुव और श्वेता की बात ना हो ऐसा तो हो ही नही सकता जब पहली बार ध्रुव मुसीबत में फसा तब एक रहस्यमयी लड़की चंडिका पहली बार दिखती है फिर जब ध्रुव के पिता राजन मेहरा मुसीबत में फसते हैं तब चंडिका फिर से दिखाई पड़ती है, फिर तो चंडिका का ध्रुव की मदद करना आम बात हो गयी। ध्रुव की चुलबुली और डरपोक बहन श्वेता जो हमेशा ध्रुव से हँसी मजाक करती रहती थी वो ही चंडिका है ये ध्रुव को भी पता नही है लेकिन श्वेता अपने भइया से इतना प्यार करती है कि उसकी कदम कदम पर रक्षा करने के लिए उसने चंडिका का रूप धारण किया । ध्रुव भी श्वेता से बहुत प्यार करता है और श्वेता की किसी भी शरारत का कभी बुरा नही मानता।श्वेता जब कैम्ब्रिज पढ़ने के लिए जाती है और उस पर स्पाइडर का हमला होता है तब ध्रुव अपने ताऊ रघुपति की शादी छोड़ कर अपनी बहन को बचाने निकल पड़ता है और आखिरकार उसे बचाकर और स्पाइडर का आतंक खत्म कर के ही दम लेता है ।
जब भाई-बहन की बात हो रही हो तो हम चीता और मोनिका को कैसे भूल सकते हैं । चीता जो कि अपराध जगत में कुंदन के नाम से बिख्यात था अपने पिता की मौत के बाद मोनिका के समझाने पर पुलिस का मुखबिर बनकर बिच्छू गैंग का सफाया कर देता है और बिच्छू को भागने पर मजबूर कर देता है फिर मुम्बई आकर मोनिका के कहने पर वर्दी धारण करता है और कानून का सच्चा मुहाफिज बन कर दिखाता है इसके नाम से मुंबई का अपराध जगत थर्रा उठता था । जब भी मोनिका मुसीबत में होती थी चिता अपनी जान पर खेल कर उसे मुसीबत से बाहर निकलता है और मोनिका भी अपने भाई पर जान छिड़कती है एक बार जब डोगा चीता का दुश्मन बन जाता है और चीता को मारने निकल पड़ता है तब मोनिका अपने भइया के लिए डोगा से भी टकरा जाती है ।
अब जब डोगा की बात उठी है तो उसकी बहन किरण का जिक्र करना तो बनता है जी हाँ किरण डोगा को अपना भाई मानती है क्योंकि वो डोगा के डीएनए को सूर्य के डीएनए से मैच होते हुए देखकर पहले हैरान हो गयी थी फिर परिस्थितियां ऐसी बनी की किरण कहने लगी डोगा माई ब्रदर लेकिन जब डोगा उसे आकर सच्चाई बताता है तब वो डोगा को बेनकाब करने में जुट जाती है और आखिरकार वो पता लगा ही लेती है कि डोगा के मास्क के नीचे सूरज का चेहरा है और एक गलतफहमी में आकर वो डोगा को बेनकाब करने चल पड़ती है लेकिन जब उसकी गलतफहमी दूर होती है तब वो अपनी जान देने के लिए तैयार हो जाती है क्योंकि वो नही चाहती कि कोई उससे किसी भी तरह डोगा का राज उगलवा ले तब डोगा उससे समझाता है और उसकी जान बचा लेता है ।
आज के लिए बस इतना ही आगे हम आप को ऐसी ही अन्य बातें बताते रहेंगे और कॉमिक्स के माध्यम से बताई गई अन्य बातों से आप को अवगत कराते रहेंगे ।।।। धन्यवाद ।।।।।

Written By- Chandan Sikdaar for Comic Haveli

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