Happy New Year

अज्ञात स्थान-

डोगा सभी सुपरहीरोज़ को संबोधित कर रहा था।

“भाइयों जैसे कि आप सबको पता है….”

कोबी- मुझे नहीं पता और क्यों पता हो।

तिरंगा- अबे चुप हो जा ना कुछ देर।

कोबी- अ…..ब……ए…. तूने मुझे अबे बोला?

तिरंगा का मुंह डर के मारे सफेद हो गया। जिसे देखकर नागराज ने कमान संभाली।

नागराज- अरे कोबी तो क्या हो गया कोई बड़ी बात नहीं है। तूने गलत सुना उसने कहा “अब है”।

कोबी- नहीं नागराज भाई ऐसा नहीं है लेकिन तुम बड़े हो तो चुप हो जाता हूँ।

एंथोनी- (धीमी आवाज में) बताओ ५०,००० साल बड़ा जानवर नागराज को बड़ा कह रहा है, हीहीही।

कोबी- कान बहुत तेज हैं मेरे मुर्दे ज्यादे तो बोल मत दियो….

कोबी की बात पूरी होने से पहले ही डोगा बीच मे बोल पड़ा।

डोगा- मैं नहीं बोलूंगा अगर कोई ऐसे हल्ला मचाएगा तो गुर्रर।

स्टील- तो मत बोल भाई। चलो कोई आगे जाकर खुद ही बोल दो कि हम क्यों आये हैं।

डोगा- अबे टीन के डब्बे मजाक कर रहा था मैं म….जा…क माने मजाक।

परमाणु- हां अब चल चल आगे बोल।

डोगा- तो मैं कह रहा था कि आज 31 दिसंबर है और हमारे बीच ध्रुव नहीं है।

कोबी- ध्रुव मर गया क्या?

एंथोनी- अबे नहीं बे डोगा अभी अभी तो अनुपम जी ने उसे फिर से बचा लिया था।

स्टील- अभी तो उसकी निओ(neo) भी आने वाली थी बहूहू। (मन में) वैसे अच्छा हुआ निपट गया अब राजनगर में मेरा राज होगा हीहीही।

डोगा- अबे नहीं बे पूरी बात सुना करो। वो बस अपने घर में हैं और हम यहाँ पार्टी कर रहे हैं। तो बात ये है कि….

स्टील अब भी सोच में डूबा हुआ था और कुछ सोचते हुए वो एकदम बोल पड़ा जो उसे ध्यान नहीं था कि कोई सुन लेगा।

“अबे वो तो हन्टर्स का लीडर बन जायेगा राजनगर तो मेरे पास ही रहना था। हीहीही।”

इसी खुशी में जैसे ही उसने इधर उधर देखा तब उसकी समझ आया कि जो वो कह रहा था वो सबने सुन लिया था। इससे स्टील के आँखों से आँसू आ गए। नितिन जी का असर शायद अब तक उसपर था।

नागराज- अबे क्या हो गया तुझे डब्बे?

तिरंगा- सठिया गया होगा वैसे भी नितिन जी ने न जाने क्या क्या कांड करवाये थे इससे।

एंथोनी ने इतना सुनते ही नजर डोगा की तरफ घुमायी।

डोगा- बस दो चार रोबोट ही तो तोड़े थे मैंने यार एंथोनी ऐसे मत देख बे।

एंथोनी- बस ऐसे ही देख रहा था बे डोगा।

सबके मुँह से हँसी निकल पड़ी। हीहीही।

डोगा सबसे नजर छुपाते हुए बोल पड़ा-

“अरे यार तो मैं ये कह रहा था कि उस होशियार चन्द को आज सब मिलकर सरप्राइज दे आते हैं और उसका हल्ला काट देते हैं।

कोबी- अबे उसको क्यों दे रहे हो सरप्राइज? वो तो यहाँ आया भी नहीं। जो आये हैं उनको दो और मुझे थोड़ा ज्यादे देना। हीहीही।

शक्ति- सरप्राइज मतलब चौंका देना होता है कोबी।

शक्ति की आवाज सुनकर तिरंगा जमीन पर गिर पड़ा और साथ ही सब पीछे को झक्क हो गए।

तिरंगा- अबे ये पागल औरत किसी दिन हार्ट फेल करवाएगी।

शक्ति- क्या बोल रहा है बे? दोबारा बोल के दिखा अभी पॉपकॉर्न बना दूंगी तुझे।

एंथोनी- सही तो कह रहा है ऐसे कौन आता है एकदम से? मैं मुर्दा हूँ मैं ही कांप गया इन बेचारों का न जाने क्या हुआ होगा। अबे परमाणु कहाँ गया बे?

कोबी- ये रहा ससुरा मेरे पूँछ को लपेट के बैठा है।

डोगा- अरे भाई मेरी भी सुन लो कोई? अगर अब किसीने बीच में बोला तो बम मार दूंगा सबके सिर पर।

एंथोनी- अबे डर लो इससे न जाने अगली बार डाइनोसॉर को ही मार दे ये मुक्के से।

हीहीही करके फिर सब डोगा पर हँसने लग जाते हैं।

डोगा- मैंने कौनसी भैंस खोल दी नितिन जी आपकी जो ये सजा दी है सबने मजाक बना दिया है तबसे।

नागराज- अरे यार मजाक मत बनाओ बेचारे का बोल भाई डोगा तू बोल यार।

परमाणु- हां बोल भाई तूने तोड़े कैसे वो रोबोट?

तिरंगा- अबे तू बच कैसे गया? तू तो निपट गया था न लास्ट में?

स्टील- अबे हाँ बे तेरा तो लाइफ इन्सुरेंस भी नहीं हुआ था न हाहाहा।

कोबी- ये क्या होता है लाइफ इंसु… रेस..

नागराज- कोबी इससे इंसान परमाणु बन जाता है हाहाहा।

शक्ति- डोगा कुछ बोल रहा था सुनो।

डोगा- मैं कुछ नहीं बोल रहा तू बता वो तिलिस्मदेव कहाँ है?

शक्ति- अब मेरा मजाक उड़ाया तो देख लेना डोगा तुझे रोटी तोड़ने लायक भी नहीं रहने दूंगी रोबोट तो भूल जा।

डोगा- अबे सुनो यार। आज रात को हम सब ध्रुव के यहाँ जाकर उसे सरप्राइज करते हैं।

सभी उसकी बात पर हामी भरते हैं।

राजनगर-

स्थान मेहरा निवास-

ध्रुव- मुझे माफ़ कर दो गलती हो गयी अब से नहीं करूंगा बहूहूहू।

नताशा- अब आयी अक्ल बेटे ज्यादा डेढ़ स्याना न बना करियो मेरे सामने।

ध्रुव- पति बनाने वाली थी न तुम तो?

नताशा- ज्यादे मजाक सूझ रहा है क्या?

ध्रुव चुप हो जाता है। नताशा फिर बोल पड़ी।

“तुझे जरूरत क्या थी रिचा के साथ जाने की बता?”

ध्रुव(धीमी आवाज में)- तेरे बाप को भी जरूरत क्या थी एन्ड गेम में आने की.. अच्छी खासी तो जा रही थी सीरीज।

नताशा- क्या कहा?

ध्रुव- मैं कुछ कह सकता हूँ क्या?

नताशा- हाँ हाँ अभी अभी तो तूने बोतल से दूध पीना छोड़ा है।  ज्यादा मसखरी मत कर बहुत पिटेगा।

ध्रुव- अब क्या बोलूं गाली तो दोनों सूरतों में खानी हैं।

नताशा- फिर बोल रहा है? ये बता आज क्या लाया है मेरे लिए?

ध्रुव- आज क्या है स्पेशल?

नताशा- स्पेशल?? बेटे वैसे तो एक लाख पैटर्न में एक कण याद रखता है और आज तू न्यू ईयर भूल गया?

ध्रुव- नितिन जी बच्चे को मार ही देते। अरे अनुपम जी आपने बचाया ही क्यों? बहूहूहू।

तभी खिड़की पर एक हलचल सुनाई दी तो ध्रुव के कान उधर चले गए।

नताशा- अबे मैं कुछ कह रही हूँ और तेरा ध्यान इधर उधर है। चाहता क्या है बता? बोल क्यों नहीं ले गया तू मुझे घुमाने?

ध्रुव- मुझे याद नहीं था। सॉरी…

खुसुर पुसुर खुसुर पुसुर करके बहुत लोगों की हंसी सुनाई दी।

सभी ब्रह्मांड योद्धा वहां पधार चुके थे और नताशा और ध्रुव की बात भी सुन रहे थे।

डोगा (धीमी आवाज में)- नाक कटा दी इसने तो हमारी।

नागराज- इसका ऐसा ही है।

तिरंगा- अबे हल्ला मत करो सुन लो।

ध्रुव समझ चुका था कि कुछ तो गड़बड़ है लेकिन बेचारा अब क्या करता।

ध्रुव- नताशा यहाँ कोई है।

नताशा- अबे वो मेरा फ़ितूर है जो तू देख रहा है। हाय रे फूटी किस्मत कैसे निक्कमे से पाला पड़ा है।

खु खू खु खू की दबी सी आवाजे कमरे में सुनायी देने लगी जिसे अपने नकली रोने की वजह से नताशा सुन नहीं पायी लेकिन ध्रुव सुन रहा था।

ध्रुव(मन में)- अबे बड़ी बौड़म औरत है। आज पक्का मेरी इज्जत की झाँकियाँ निकाली जा रही हैं।

नताशा- क्या सोच रहे हो अब?

ध्रुव- यही की आज बुरा फंसा……म…म…मतलब की बुरा हुआ जो भूल गया माफ कर दो।(मन में)- मर जा तू यहाँ बौड़म औरत।

नताशा- कितने अरमान होते हैं एक लड़की के कि वो अपने होने वाली पति के मुंह से हर नए साल पर सबसे पहला विश सुने। उसका होने वाला पति उसे घूमने ले जाये….

ध्रुव- चुप हो जा..

नताशा लेकिन अपनी ही धुन में मस्त थी।

नताशा- उसके साथ अपना हर एक क्षण बिताये। नए साल का एक बेहतरीन गिफ्ट खरीद के दे। ज्यादा बड़ा नहीं लेकिन एक पिंक कलर की बढ़िया सी ड्रेस, उसके साथ मैचिंग सैंडल, मैचिंग पर्स हीहीही। लेकिन मेरी किस्मत ही फूटी है बहूहूहू।

ध्रुव को खुद को कंट्रोल करना मुश्किल हो रहा था और खिड़की पास से खुसुर पुसुर और हंसने की आवाज उसे गुस्सा दिला रही थी।

नताशा- बोलो ध्रुव बोलो तुमने ऐसा क्या किया?

ध्रुव- मैं…

नताशा- सब ऐसे ही बकरी बन जाते हैं तुम सब लड़के ऐसे ही होते हो।

ध्रुव- लेकिन….

नताशा- देखो अब जवाब भी नहीं देना चाहते तुम। बहूहूहू

और नताशा जोर जोर से रोना शुरू कर देती है।

ध्रुव का पारा हाई हो जाता है।

ध्रुव- पागल औरत मेरी भी सुन ले कुछ।

नताशा हक्की बक्की होकर उसे देखने लग जाती है।

ध्रुव- सुन रही है बौड़म तू?

नताशा चुप उसे देखती रहती है।

ध्रुव- खा जाएगी क्या मुझे पागल औरत? बोल सुन रही है?

नताशा हाँ में मुंडी हिलाती है।

ध्रुव- अबे सिर क्यों हिला रही है? क्या भूकम्प आ जायेगा तेरे ऐसा करने से? हां बोल हां अगर सुन रही है तो।

नताशा डरती हुई- हाँ सुन रही हूँ।

ध्रुव- देख सुन ध्यान से सुन…….. भाग जा पागल औरत यहां से दर्शन न दे देना कभी चोटी पकड़ के पटक पटक के सारा जो मैल है निकाल दूंगा तेरा। अबे भाग।

नताशा रोती हुई बाहर भाग जाती है।

ध्रुव- पागल औरत….. हीहीही…… बहूहूहू।

अचानक रूम की खिड़की खुलती है और सारे सुपरहीरोज़ ध्रुव जोर जोर से हंसने लगे जाते हैं।

नागराज-  हैप्पी न्यू ईयर ध्रुव हैप्पी न्यू ईयर हाहाहाहा।

सभी एक साथ जोर जोर से पेट पकड़ पकड़ कर जमीन पर लोट लोटकर हँसने लग जाते हैं।

ध्रुव एक तरफ खड़ा खुद को गरियाने लगता है।

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Written By- Devendra Gamthiyal

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12 Comments on “Happy New Year”

  1. बढ़िया लिखा है देवेंद्र ।।

    शक्ति की एंट्री के बाद जो तिरंगा और एंथोनी के dialogue हैं , वो सच में लाजबाब हैं ।
    बधाई

  2. बहुत खूब देवेन्द्र भाई ।अच्छी लगी कहानी । पढ़कर मज़ा आया । ध्रुव वाला पंच लाइन ज़बरदस्त खूब हंसी आई । अगर नताशा उसे पिटते दिखा देते तो क्या कहने थे । वाह वाह!
    अब चूँकि कहानी छोटी इसलिए रिव्यू भी छोटा ही हो पा रहा है अतः अन्यथा न लेँ।हीहीही

    1. कोई बात नहीं तल्हा आपके द्वारा लिखा प्रत्येक शब्द उत्साहवर्धक होता है। बहुत बहुत धन्यवाद

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