झूठ बोलने की भी हद होती है – 2

रोज की तरह आज भी 8 साल की छोटी बच्ची हीना  सोने की तैयारी कर रही थी लेकिन सोने से पहले वह अपने पापा से एक कहानी सुनना चाहती थी वह भी रोज वाली नहीं कुछ, अलग ।

हिना – पापा पापा आज कोई बढ़िया सी कहानी सुनाओ ना ,ऐसी कहानी जो आज तक मैंने कभी सुनी ना हो।

पापा – ठीक है बेटा ठीक है पर कौन सी कहानी सुनाऊं, यह तो बताओ

हिना – पापा पापा , वह वाली कहानी सुनाओ ना जो आप कल सुना रहे थे उसने अभी खजाना मिला नहीं

पापा – ठीक है बेटा ठीक है मैं ,आज तुम्हें ऐसी कहानी सुनाऊंगा, जो आज तक तुमने कभी नहीं सुनी होगी ।
और यह होगा उसी का आगे वाला हिस्सा

लो तो सुनो बेटा

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पिछली बार तुमने देखा कि वह खजाने को तलाशने की बहुत कोशिश करते हैं लेकिन उन्हें खजाना कहीं नहीं मिलता और वह धीरे-धीरे उस खजाने को भूल जाते हैं और एक खुशहाल जिंदगी जीने लगते हैं। लेकिन अब वह दोनों अकेले नहीं होते उनके दो बच्चे होते हैं एक का नाम हीरा था और एक का नाम सुस्त । सुस्त काम करने में बहुत ही आलसी जबकि हीरा बहुत ही मेहनती था ।

1 दिन उसकी मां ने तंग होकर सुस्त से कहा कि तुम कोई काम नहीं करते ,बस सारा दिन घर पर पड़े रहते हो जाओ जाकर कुछ पैसे कमा कर लाओ और अगर पैसे नहीं ढूंढ सकते तो वह खजाना ही ढूंढ कर ले आओ, जो आज से कई साल पहले हम ढूंढने की कोशिश कर रहे थे। यह बात सुस्त के दिल पर लग जाती है और वह मन ही मन खजाने को ढूंढने की सोचता है लेकिन वो यह काम अकेले नहीं कर सकता था । वह जाकर अपने भाई से बात करता है और अपने भाई को कहता है कि क्यों ना हम बाहर जाकर खजाना ढूंढै और उसका भाई भी उससे सहमत हो जाता है । अब दोनों चल दिए होते हैं बाहर खजाना ढूंढने , काफी दिन चलने के बाद सुस्त को याद आता है कि वह खजाने का नक्शा तो घर पर ही भूल गया और खजाने का नक्शा लेने के लिए वापस मुड़ता है की तभी एक ट्रक उसे जोरदार टक्कर मार देता है और उसका एक्सीडेंट हो जाता है । उसका भाई यह सब देख रहा था और जैसे तैसे करके उसे अस्पताल लेकर जाता है लेकिन यहां पर भी एक बड़ी समस्या हो जाती है । अस्पताल वाले कहते हैं कि आपके भाई का ऑपरेशन करना पड़ेगा क्योंकि उसका खून बहुत बह चुका है । तुम जाओ जाकर 5 लाख का इंतजाम कर लो यह सुनकर उसका भाई हीरा बहुत दुखी हो जाता है क्योंकि उसके पास 500000 तो क्या 5 रूपए भी नहीं होते । यह सोच वह बाहर आ जाता है और सोचता है कि अब क्या किया जाए । तभी उसके मन में कठिन मेहनत करके बहुत से पैसे कमाने का ख्याल आया और इधर उधर फिरने लगा ।

काम की तलाश में फिरते फिरते वह एक गांव में चला गया है जहां उसे एक किसान मिलता है । हीरा उस किसान से काम की मांग करता है और वह किसान भी हीरा की दर्द भरी कहानी सुनकर उसे अपने खेत में अनाज बोने का काम दे देता है । हीरा रोज सुबह खेतों में जाता और अनाज बोता और शाम को वापस आ जाता । वह रोज ऐसे ही करने लगा लेकिन बीच में वह 3 महीने अपने खेत नहीं गया लेकिन जब 3 महीने बाद उसने खेत जाकर देखा तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई । उसने देखा कि उसके बोए हुए अनाज के पौधों की ऊंचाई तो आसमान तक पहुंच गई है और वह तो अब आसमान को छू रही हैं । इसके बाद यह देखने के लिए कि आसमान में क्या है वह उन पौधों पर चढ़ने लगता है। पौधों की ऊंचाई काफी होती है लेकिन हीरा भी हार मानने वालों में से नहीं था । वह उस पर चढ़ता जाता है । चढ़ते चढ़ते इधर धरती पर सदियां बीत जाती है और उधर हीरा भी अपनी मंजिल पर पहुंच जाता है । ऊपर जाकर उसे पता चलता है कि वह तो स्वर्ग में जा पहुंचा और स्वर्ग वाले देखकर उसे बहुत खुश हो रहे हैं । चारों और बस हीरा की ही जय जयकार हो रही हे । कोई हीरा पर फूल बरसा रहा था तो कोई कुछ । लेकिन तभी स्वर्ग पर कुछ राक्षस हमला कर देते हैं और स्वर्ग के राजा बन जाते हैं । यह सब देखकर हीरा को बहुत गुस्सा आता है और वह प्रतिज्ञा लेता है कि वह जब तक इन राक्षसों को खत्म नहीं कर देगा तब तक चैन से नहीं बैठेगा और इतना कहकर उन राक्षसों पर टूट पड़ता है और सभी राक्षसों को मार देता है । और फिर वह स्वर्ग का राजा बन जाता है ।

अब हिरा स्वर्ग का राजा होता है चारों तरफ बस खुशियों की खुशियों का माहौल था लेकिन जयादा देर के लिए नही । एक दिन उसका एक गरीब दोस्त उसके सर्वग के महल में दस्तक देता है और वह आकर हीरा से कहता है कि ,” हिरा तुम अमीर क्या हुए तुम मुझे तो भूल ही गए देखो मैं कितना गरीब हूं और तुम कितने अमीर । यह सुन हीरा भावुक हो जाता है और अपना सब कुछ उस गरीब के नाम कर देता है । अब वह गरीब अमीर हो जाता है । जबकि हीरा गरीब बहुत बहुत ज्यादा गरीब । अब वह सड़कों पर भटकता फिर रहा है उसे ना तो खाने को कुछ खाना मिल रहा , ना ही पहननै को कुछ । उसके पास बस अपने पुराने ही कुछ कटे फटे कपड़े थैं । पिछले काफी दिनों से कुछ भी ना खाने के कारण उसकी हड्डियां निकल आती है और वह कुपोषण का शिकार हो जाता है ।सड़क पर भटकते भटकते उसे याद आता है कि उसके माता-पिता ने उसे एक संत बाबा के बारे में बताया था जो पहले उनकी परेशानियां दूर करता था शायद अब मैं मेरी परेशानी भी दूर कर दे और सच्चे मन से उस संत बाबा को याद करता है और संत बाबा भी तुरंत प्रकट हो जाते हैं । संत बाबा के प्रकट होने पर हीरा उन्हें अपना हाल बताता है इतना सुनने के बाद संत बाबा हीरा को उस खजाने के बारे में बताता है जिसे ढूंढने की कोशिश कभी उसके मां-बाप कर रहे थे और जिस का नक्शा वह घर बुलाया था और तुरंत ही अदृश्य हो जाता है और अदृश्य होकर हीरा के मां बाप के पास पहुंचता है और उससे वह खजाने का नक्शा लाकर हीरा को दे देता है फिर हिरा उस खजाने के नक्शे को ध्यान से देखता है और आगे की प्लानिंग करने लगता है लेकिन तभी उसे अपने भाई की याद आती है और उसे याद आता है कि वह तो हंसताल में पड़ा मर रहा है और
उसे लेने चला जाता है ।

लेकिन हस्पताल में काफी पहरेदारी होती है । चारों तरफ बस पुलिस ही पुलिस खड़ी होती है तभी हीरा ने वहां से अपने बाइ को भगा ले जाने की प्लानिंग बनाई और रात का इंतजार करने लगा । रात होते ही मौका देख वह अपने भाई को बचाने में कामयाब हो गया

अब वह दोनों हीरा और उसका भाई खजाने की तलाश में निकल गए । खजाने के बारे में उनके मां बाप ने भी उनसे बहुत सारी बातें की थी इसलिए उन्हें पता है कि खजाना ना तो धरती पर है ना ही चांद पर और ना ही यह मंगल पर ,यानि अब हमें किसी और ग्रह पर खजाने की तलाश करनी होगी लेकिन कहां । तब छोटे भाई ने कहा कि हम बृहस्पति ग्रह पर चलते हैं और इतना कहकर वह बस अड्डे की ओर निकल पड़ते हैं , बस पकड़ने के लिए । लेकिन बस अड्डे पर जाकर पता चलता है कि कोई भी बस बृहस्पति ग्रह की ओर नहीं जाती । यह सुनकर वह बहुत हताश हो जाते हैं । तभी एक ऑटो वाला उनके पास आता है और वह कहता है कि तुम लोगों को मैं बृहस्पति ग्रह तक पहुंचा दूंगा लेकिन इसके बदले में तुम्हें आधा खजाना मुझे देना होगा । दोनों भाई फटाक से मान जाते हैं और उस रिक्शा पर बैठ जाते हैं और रिक्शावाला तुरंत रिक्शे को शुरू कर निकल पड़ता है बृहस्पति ग्रह की ओर।

इस सफर में कितने दिन और कितने रात निकले किसी को कुछ नहीं पता था । सब बस अंदाजे से आगे जाए जा रहे थे काफी महीनों के सफर के बाद वह बृहस्पति ग्रह पर पहुंच गए लेकिन वहां जाकर देखा कि यहां पर तो उबलती लावा के सिवाय और कुछ नहीं ऐसे माहौल में तो खजाना कब का पिगल चुका होगा । यह तो गड़बड़ हो गई और अब वह गुस्से से उस औटो वाले को देख रहे थे अब ऑटो वाला भी अपनी जान बचाने के चक्कर में बोल उठा कि तुम लोग चिंता मत करो हम और आगे जाकर देखते हैं , क्या पता वहां पर खजाना मिल जाए । ” आगे कहां ” छोटे भाई ने कहा और बड़े भाई ने कहा तुम चिंता मत करो हम शनि ग्रह का चक्कर लगाकर आते हैं क्या पता वहां पर खजाना मिल जाए और वह दोनों उसी ऑटो पर बैठकर शनि ग्रह की तरफ चल दिए । वहां जाकर पता चला कि शनि ग्रह तो बहुत ही अजीबोगरीब ग्रह हैं और इसके आस पास कुछ रिंग घूम रही है । एक रिंग उसके छोटे भाई को पसंद आ जाती है और वह उस रिंग को पहन लेता है । यह देख शनिदेव को बहुत गुस्सा आता है और उसे हमेशा काले होने का श्राप दे देता है और उसका छोटा भाई जो पहले से ही काला होता है अब और काला हो जाता है । बड़े भाई को यह देख बहुत दुख होता है लेकिन अब वह कर भी क्या सकता था उन्होंने कहा है शनि ग्रह पर खजाना ढूंढना खतरे से खाली नहीं है चलो और आगे चले ।

वह अभी आगे चलने वाले होते हैं कि उनका सामना एलियन से हो जाता है । एलियंस उन दोनों को पकड़कर अपनी स्पेसशिप में ले जाते हैं । स्पेस शिप में जाने के बाद छोटे भाई की नजर आस-पास पड़ती है और वह कहता है कि भाई कितनी गंदी स्पेसशिप है । यह तो यहां सफाई का भी ध्यान नहीं रखते और यह बात एलियंस के कानों तक पहुंच जाती है । एलियंस को जब इस बात का पता चलता है तो वह अंदर ही अंदर से टूट जाते हैं और दुखी हो जाते हैं और गम हीन स्थिति में पहुंच जाते हैं । इस गम को भुलाने के लिए सारे एलियंस शराब पीना शुरु कर देते हैं और ज्यादा शराब पीने के कारण एलियंस के दिल और फेफड़े दोनों ही खराब हो जाते हैं और उनका दिमाग भी । जब यह बात एलियंस के राजा तक पहुंचती है तो एलियंस के राजा को बहुत गुस्सा आता है और वह उन दोनों भाइयों को बुलाता है और उनसे कहता है कि अभ spaceship में तुम दोनों से होशियार और कोई नहीं है । आज से इस spaceship की कमान तुम लोग संभालोगे और वह स्पेसशिप की कमान दोनों भाइयों को दे कर खुशी खुशी खुशी चार धाम की यात्रा पर निकल जाता है ।

उधर दोनों भाई उस स्पेसशिप को चलाने की कोशिश करते हैं कि तभी सुस्त गलत बटन दबा देता है जिससे कि वह स्पेसशिप आगे बढ़ने लगती है । दोनों भाइयों को कुछ समझ नहीं आता और दोनों थक हार कर बैठ जाते हैं हैं और इंतजार करते हैं स्पेस शिप के रुकने का लेकिन स्पेसशिप नहीं रुकती वह बस चलती जाती है चलती जाती है ।

हजारों सालों के सफर के बाद स्पेसशिप एक ब्लैक होल के पास पहुंच जाती है और उस ब्लैक होल के गुरुत्वाकर्षण के कारण स्पेसशिप उस ब्लैक होल की तरफ खींचे जाने लगती है और धीरे-धीरे उसे ब्लैक होल में समा जाती है । दोनों भाई यह दृश्य अपनी आंखों से देख रहे थे लेकिन वह कुछ भी नहीं कर सकते थे क्योंकि ब्लैक होल की शक्ति के आगे उनकी एक ना चलने वाली थी लेकिन ब्लैक होल के अंदर जाने के तुरंत बाद एक चमत्कार हो गया ।‌ उन्होंने देखा कि वह तो एक अलग ही दुनिया में पहुंच गए हैं जहां पर उनके मां-बाप की उम्र उनसे भी कम है । वह अपने छोटे-छोटे मां-बाप को देखकर बहुत खुश होते हैं और उनसे खेलने लगते हैं । अब उनके मां-बाप उनके लिए छोटे-छोटे बच्चों के समान होते हैं । छोटा भाई सुस्त अपने बच्चों के समान , मां-बाप को काफी तंग करता है और उनकी काफी पिटाई भी करता है और उनसे यह भी कहता है कि बचपन में आप लोगों ने मुझे बहुत पीटा अब मैं आपको पीटूंगा । हा हा हा बहुत मजा आएगा ।

कि तभी दूसरी तरफ से एक खबर आती है कि बहुत तेज मूसलाधार बारिश होने वाली है जिसकी वजह से यह पूरी जगह डूब सकती है । दोनों भाई चिंता में पड़ जाते हैं कि अब क्या किया जाए । उन्हें तो यह भी नहीं मालूम कि वह है कहां और अभी तो खजाना भी ढूंढना बाकी है । तभी छोटे भाई के मन में एक IDea आता है और वह जाकर Vodafone की SIM खरीद कर लाता है जिससे वह अपने घर पर फोन करता है और अपने मां-बाप से बात करता है ।‌ तभी मां-बाप उसे वापिस उस संत बाबा को याद करने को कहते हैं जो लगातार उनकी मदद करते आ रहे हैं और वह दोनों भाई सच्चे मन से उस संत बाबा को याद करते हैं और उन्हें अपनी व्यथा बताते हैं ।

तभी संत बाबा की आंख से एक रोशनी निकलती है और वह दोनों उसी जगह पर पहुंच जाते हैं जहां पर उनका सामना एलियंस से होने वाला होता है लेकिन इस बार वह समय में पीछे होते हैं और बाबा उन्हें पहले ही बता देता है कि अब तुम लोगों को आगे क्या करना है क्योंकि मैं तुम लोगों को पीछे समय में भेज रहा हूं ।

समय में पीछे जानने के बाद वह शनि ग्रह से आगे का सफर शुरू करते हैं और

Yamaha प्लूटो ग्रह की ओर चलते हैं वह चलने वाले होते हैं कि तभी उन्हें वह संत बाबा वापिस याद आता है और वह एक दूसरे से कहते हैं कि हम ऐसे ही इधर-उधर चक्कर लगा रहे हैं क्यों ना हो संत बाबा से ही कह दे कि वह हमें खजाना ढूंढ कर दे दें । सभी को यह idea बहुत अच्छा लगा और सभी सच्चे मन से उस संत बाबा को याद करते हैं और उन्हें कहते हैं कि कि आप तो अंतर्यामी है , सर्वव्यापी है , सबको जानते हैं व
आप ही हमें वह खजाना ढूंढ कर दे दें ।

संत बाबा यह सुनकर खुश हो जाते हैं और कहते हैं कि कितने समय से मेरे कान यह सब सुनने के लिए तरस गए थे और मैं कब का चाह रहा था कि तुम मुझसे यह सब कहो पर तुम लोग हो कि अपनी ही किऐ जा रहे हो ।तभी उनकी आंख से एक रोशनी निकलती है जिससे उनके आसपास बस खजाने ही खजाने का ढेर लग जाता है । वह तीनों उस खजाने को रिक्शा में भरते हैं और वापस अपने घर की ओर चल दिए होते हैं लेकिन जैसे ही घर पहुंचे पता चला कि उनके मां बाप तो यहां पर है ही नहीं दोनों बहुत हैरान परेशान हो गए उनके जाने के बाद उनके मां-बाप के साथ क्या हुआ किसी को कुछ नहीं पता तभी छोटे भाई ने पड़ोसी से पूछताछ की और पूछताछ करने के बाद पता चला कि हमारे मां-बाप को तो गुंडे उठा ले गए और गुंडों ने मांग की है कि अगर वह अपने मां-बाप को बचाना चाहते हैं तो आधा खजाना हमें दे दें अब दोनों भाइयों के पास आधा खजाना उन्हें देने के सिवाय और कोई रास्ता नहीं था और उधर उसके मां-बाप भी एक ही बात की रट लगाए रखे थे कि मेरे हीरा और सुस्त आएंगे , मेरे हीरा और सुस्त आएंगे और उनकी यह बात सच भी हो जाती है हीरा और सुस्त आते हैं और वह आधा खजाना गुंडों को देख कर अपनी मां को वहां से चुराकर ले जाते हैं । अब उनके मां-बाप भी खुश बच्चे भी खुश और खजाना भी उन्हें मिल जाता है । चारों हंसी खुशी अपना जीवन यूं ही व्यतीत करते हैं। और हीरा और पन्ना रोज अपने मां-बाप की कहानियां सुनते है और सो जाते हैं । चलो बेटा अब तुम भी सो जाओ

कहानी खत्म

पास कड़ी हिना की मां यह सब सुन कहती हे कि

यह क्या हे

” झूठ बोलने के भी की भी हद होती है “

हिना के पिता – भाई कहानी थी पूरी तो करनी
ही थी ।

चल अब तू भी सो जा अगली बार इससे भी अलग कहानी सुनाऊंगा।

धन्यवाद

Written By – Aman for Comic Haveli

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3 Comments on “झूठ बोलने की भी हद होती है – 2”

  1. Hahaha..
    भाई ये कहानी भी अजीब ही थी लेकिन इस बार छोटी थी।
    हीना को किसी कहानी सुना रहा है उनका पिता। हाहाहा।

    बहुत बढ़िया।

  2. my god puri ki puri space theory ,aliean, space, soler plant sab kuch daal diyaa . heena ka pita to suchi grate insaan aur writer bi

    agli kahaani thoda jaldi laayiey isy bi publish huye kafi time ho gya

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