कॉमिक्स की यादें

यूं तो हमारी बचपन की यादों में कॉमिक्स का अपना अलग ही स्थान है और ये हमारे मनोरंजन के साथ साथ अच्छी शिक्षा भी देते हैं चाहे वो ध्रुव और परमाणु के कॉमिक्स में विज्ञान की जानकारी हो या नागराज के कॉमिक्स में देश विदेश के बारे में जानकारी हो या फिर तिरंगा की कॉमिक्स में देशभक्ति कोई भी किसी से कम नही है इसी कड़ी में एक और चीज है जिसकी सीख हमें कॉमिक्स में मिलती है और वो है मित्रता जी हाँ दोस्तों आज मित्रता दिवस के खास अवसर पर कॉमिक हवेली की खास पेशकश।

दोस्तों इस समय भारत मे कॉमिक्स का नाम लेने पर कुछ गिने चुने पब्लिकेशन्स का नाम आता जिसमे सबसे बड़ा पब्लिकेशन है राज कॉमिक्स फिर है डॉयमंड कॉमिक्स फिर है फेनिल कॉमिक्स फिर आता है फिक्शन कॉमिक्स इसके बाद कुछ फैन मेड कॉमिक्स पब्लिकेशन हैं फ्रेम कॉमिक्स , ड्रीम कॉमिक्स और भी बहुत ऐसे प्लेटफॉर्म हैं जहाँ फैन्स द्वारा नई नई कॉमिक्स बनाई जाती हैं ।

अब आपको बताते है कि किस पब्लिकेशन में मित्रता को किस तरह दिखाया गया है शुरू करते हैं राज कॉमिक्स से जिसका सबसे पावरफुल सुपर हीरो नागराज जिसकी शुरू की कॉमिक्स में विश्व आतंकवाद के खात्मे के लिए विश्व भ्रमण पर निकला था और जिस भी किसी देश मे जाता वहां किसी न किसी से मित्रता जरूर करता और उसी मित्र की सहायता से अपने मिशन में सफल भी होता था ।

फिर नागराज पहुच नागद्वीप वहाँ पर उसकी मित्रता वहां के नागों से तो हुई ही साथ साथ कुछ विशिष्ट शक्तियों वाले नागों से भी हुई जो कि पँचनाग कहलाते थे । फिर जब वो महानगर में ही आकर बस गया तब उसने कुछ ऐसे लोगों से मित्रता की जो उसकी तरह ही अपराध और देश के दुश्मनों से लड़ते थे उनसे लोहा लेते थे जिसमें पहला नाम है सुपर कमांडो ध्रुव इसकी मुलाकात नागराज से सबसे पहले नागराज और सुपर कमांडो ध्रुव में हुआ और वहीं से दोनों मित्र बन जाते हैं और फिर दोनों ने मिलकर मित्रता को एक नया आयाम दिया और राजकॉमिक्स के इतिहास में दोनों की मित्रता की मिसाल दी जाने लगी।

इस कड़ी में दूसरा नाम है परमाणु जिससे पहली बार नागराज दुश्मनों के षड़यंत्र में फस के दुश्मन की तरह मिला फिर गलतफहमी दूर होते ही दोनों बहुत अच्छे मित्र बन गए । इस तरह नागराज के मित्रों की गिनती का कोई अंत नही है ।

अब बात करते हैं राज कॉमिक्स के दूसरे स्तम्भ सुपर कमांडो ध्रुव की तो इसके भी मित्रों की लंबी गिनती है जिसमे पहला है जिंगालू , ये सबसे पहले बर्फ की चिता में आया है। फिर ध्रुव की मित्रता हुई वनपुत्र से विनाश के वृक्ष में फिर धनंजय से ग्रैंड मास्टर रोबो में फिर किरीगी से किरीगी का कहर में इस बीच ध्रुव फ्रांस गया वहां भी उसे एक मित्र मिली जो पहले दुश्मन थी और उसकी मदद से ध्रुव ने अपने अतीत के पन्ने को खोला और अपने पिता को न्याय दिलवाया । फिर ध्रुव की मित्र सूची में कई नाम जुड़े जैसे वुडू तंत्र का ज्ञाता किशोर और रोबोटिक्स का मास्टर विक्रम ।

अब चलते हैं राज कॉमिक्स के तीसरे स्तम्भ डोगा के बारे में जानते हैं इसके मित्रों में इसके दो कुत्ता मित्र खास है अलसी और बुल्ली गजब के जासूस और हमेशा डोगा के काम आते हैं । फिर डोगा एक जिगरी दोस्त है मोनिका का भाई चीता फिर हर मुम्बईवासी डोगा का दोस्त है जो समय समय पर उसके काम आते हैं ।
फिर आता है राज कॉमिक्स का चौथा स्तम्भ परमाणु इसके मित्रों में पहला नाम आता है ममता पाठक का जिसने प्रलयंका के रूप में परमाणु की कई बार मदद की है और मन ही मन परमाणु को पसन्द भी करती है।फिर आते है बृक्षा और मैडम कोल्ड जो पहले परमाणु के दुश्मन थे फिर दोस्त बन जाते हैं और फिर आता है टाइफून ये भी पहले परमाणु का दुश्मन था फिर दोस्त बन गया ।

ऐसे कई उदाहरण मिल जाएंगे जब सुपरहीरोज अपने मित्रों की सहायता से अपने दुश्मनों के इरादों पर पानी फेरते हैं,कई कॉमिक्स में हमे दोस्त और दोस्ती के बारे में बहुत अच्छी चीजें बताई जाती हैं यहां एक बात बताना चाहुँगा की दोस्ती के मामले में मनोज कॉमिक्स ने बहुत ही अच्छी प्रस्तुति दी है चाहे वो राम रहीम हो या फिर चाहे अमर और अकबर या सागर सलीम सही मायने में मनोज कॉमिक्स में ज्यादातर कहानियां दोस्ती पर ही होती थी और आशा करता हूँ आगे भी कुछ ऐसी ही दोस्ती को परिभाषित करती हुई कहानियां हमे पढ़ने को मिलेंगी इसी के साथ आज के लिए इतना ही फिर मिलेंगे कहीं किसी रोज…….

 

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2 Comments on “कॉमिक्स की यादें”

  1. बहुत बढ़िया लेख।
    मनोज कॉमिक्स के किरदारों के बारे में जानना चाहूँगा।

  2. शुरू होते ही खत्म हो गया।
    मुझे ये उत्सुकता रही कि आप सभी सुपरहीरोज के बारे में बताएंगे और साथ ही मनोज फेनिल, फिक्शन etc के बारे में भी बताएंगे।
    खैर जितना भी लिखा अच्छा लिखा है।

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