Nidhi

Title – Nidhi

Episode – The first space source

Writte by – Aman AJ & Manoj Bhai


Day – 0

Chapter – 1

शुरूआती कड़ियाँ और जांच एजेंसी


न्यूयॉर्क

सन 2140

शहर में आए दिन एक के बाद एक नई मुसीबत आ रही हैं , कभी कुछ तो कभी कुछ , विकास के इस दौर में शहर पर इस तरह की मुसीबतों का आना काफी अजीब है ।

अभी हाल ही में पिछले दिनों एक ट्रेन के रहस्यमयी तरीके से ओवर स्पीड होने की घटना सामने आई जिसमें 400 लोगों की जान जाते-जाते बची । यह दुर्घटना बहुत ही रहस्यमयी थी । तमाम सुरक्षात्मक पहलुओं और दुर्घटना की जांच करने पर भी पता नहीं चला कि आखिर ट्रेन में ऐसा क्या हुआ था जिस वजह से यह दुर्घटना हुई ।

जांच के प्रारंभिक पहलुओं मे बस इतना ही पता चला है कि ट्रेन की हालत दुर्घटना के बाद बहुत खराब थी । उसके अंदर जगह-जगह सुराख थे, वो भी ऐसे मानो जैसे किसी बहुत शक्तिशाली इंसान या जीव ने उस पर मुक्के बरसाए हो ।

ट्रेन का वह हिस्सा जहां पर इंजन लगा हुआ था, वह पूरी तरह से जल चुका था लेकिन हैरानी की बात यह थी कि ट्रेन में कहीं भी जलने के निशान नहीं थे और ना ही ट्रेन के अंदर लगे फायर अलार्म में आग लगने की सूचना ।

ट्रेन के इसी डिब्बे के बाई और की चादर को देख ऐसे लग रहा था जैसे किसी ने उसे हाथों से फाड़ा हो । संपूर्ण घटना को देख इसी बात का अंदेशा जताया जा रहा है कि ट्रेन पर किसी आग उगलते आदमख़ोर राक्षस ने हमला किया है वह भी ऐसा राक्षस , जिसके बड़े-बड़े पंजे थे ।

पर कार्रवाई से पता चला कि ऐसा भी कुछ नहीं था । ट्रेन के सभी यात्रियों की पूछताछ में किसी भी यात्री ने इस बात की गवाही नहीं दी । उन्हें यह तक नहीं मालूम कि ट्रेन में हुआ क्या था । यह सब चीजें इस घटना को बहुत रहस्यमय बनाती हैं ‌।

ऐसी ही एक और रहस्यमय दुर्घटना हिंदुस्तान के एक शहर गोवा में भी घटी , लेकिन यहां ट्रेन की जगह एक स्पेसशिप थी । इंडिया की स्पेस एजेंसी इसरो द्वारा भेजी गई एक स्पेसशिप जो बृहस्पति ग्रह से कुछ जरूरी आंकड़े लेकर धरती की ओर वापस आ रही थी , वह रहस्यमय तरीके से बीच रास्ते में ही ग़ायब हो गई । किसी को कुछ पता नहीं कि उस स्पेसशिप के साथ क्या हुआ । उस स्पेसशिप में 10 क्रूज़ मेंबर भी थे जो उस स्पेसशिप के साथ ही गायब हो गए ।

यह घटना पहले वाली घटना से भी बहुत ज्यादा रहस्यमयीें है क्योंकि किसी भी स्पेसशिप का स्पेस से गायब हो जाना कोई आम घटना नहीं है । लोग इस घटना के पीछे तरह-तरह की अटकलें लगा रहे है । किसी का कहना है कि स्पेसशिप के रास्ते में ब्लैक होल आ गया जो स्पेसशिप को निगल गया तो किसी का कहना है कि उस पर एलियंस ने हमला कर दिया जिसके बाद उसका नामो-निशान मिट गया ।

सही मायनों में कहा जाए तो जितने मुंह उतनी बातें , वो भी बिना किसी संभावना के । कुछ लोगों का तो यह तक कहना है कि स्पेसशिप Time dimensions (समय धारा) में खो गया या फिर बृहस्पति ग्रह से आया ही नहीं ।

इन सभी अटकलों को खारिज करते हुए विज्ञान संस्थान ने भी अपनी रिपोर्ट जारी की है जिसके अनुसार हमारे सौर मंडल में हजारों प्रकाश वर्ष की दूरी तक कोई ब्लैक होल नहीं है और ना ही किसी एलियंस के होने की सूचना मिली है । टाइम डायमेंशन जैसी चीजें तो अभी पॉसिबल ही नहीं और वही बात स्पेसशिप के बृहस्पति ग्रह से ना आने की तो यह भी संभव नहीं क्युंकी उसकी लास्ट लोकेशन बृहस्पति ग्रह से 1300 किलोमीटर दूर पर थी अर्थात वह बृहस्पति ग्रह से निकल चुका था ।

खैर सच्चाई क्या है यह कोई नहीं जानता पर इतना तय है कि इन घटनाओं के पीछे की सच्चाई का पता घटनाओं की जांच करने वाली एजेंसी लगा ही लेंगी । इन दोनों घटनाओं की जांच करने वाली एजेंसी मुख्यत इंडिया की है जिसका नेटवर्क विशव भर के सभी देशों में फैला हुआ है ।

यह एजेंसी एक तरह की जांच एजेंसी ना होकर एक तरह की अकैडमी है जिसका कार्य ऐसी रहस्यमय चीजों की जांच करना है जिनके पीछे किसी देवी शक्ति , एलियंस या किसी रहस्मयी चीज के होने का अंदेशा हो ।

इस एकेडमी का 90% कार्य स्पेस से संबंधित है जैसे स्पेस में हो रही अनजान घटनाओं की जांच करना , अनजान तत्वों का पता लगाना जिसे विज्ञान की भाषा में डार्क-मैटर कहा जाता है , एलियंस की जांच करना और नई नई तकनीकों का पता लगाना , इस तरह के कई कार्य यही अकैडमी करती है ।

इस अकैडमी के बाकी के 10% कार्यों में अनजान घटनाओं की जांच करना आता है जिसमें ज्यादातर ऐसी घटनाऐ शामिल होती हैं जो दैवीय लगती हैं या फिर जिसके पीछे का कारण शैतानी शक्ति को समझा जाता है । अपनी स्थापना के समय से ही यह अकैडमी ऐसी घटनाओं को लगातार सुलझाती आ रही है जिस वजह से विश्व के किसी भी कोने में जब इस तरह की घटना घटित होती है तो इसी अकैडमी को ही याद किया जाता है । ज्यादातर कार्य स्पेस से संबंधित होने के कारण इस अकैडमी को मुख्यत स्पेस अकैडमी के नाम से जाना जाता है पर असल में इसका नाम अननोन सोर्स ऑफ एसिडेंट ( ASOA ) है ।

अपने इन कार्यों के अंतरिक यह एजेंसी किसी भी बड़े समारोह में जहां असमान्य सुरक्षा बल की जरूरत होती है वहां सुरक्षा व्यवस्था भी मुहैया करवाती है । ज्यादातर खतरनाक कामों मे शामिल होने के कारण इस एजेंसी में काम करने वाला हर व्यक्ति स्पेशल ट्रेंड होता है और उसे उच्च तकनीकी क्षमता का सहयोग भी मिलता है जिस वजह से इसके सैनिक या स्पेशल फोर्स दूसरे सैनिकों और स्पेशल फोर्स से कहीं आगे हैं ।

इन सब बातों से स्पेस अकैडमी के कार्यक्षेत्र और कार्य सीमा का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है । यह हर उस तरह के कार्य में शामिल है जाना नामुमकिन जैसा शब्द आता है । इस अकैडमी के संबंध अमेरिका की स्पेस एजेंसी नासा से लेकर इंडिया की स्पेस एजेंसी इसरो तक है तथा उन सब का सहयोग भी इसके साथ हैं । सरकार अपनी पूरी अर्थव्यवस्था का 3% हिस्सा भी इस एजेंसी को देती है जिसका उपयोग यह एजेंसी अपनी तकनीकी क्षमता में विकास के लिए करती हैं ।

आसानी से समझने वाले शब्दों में कहा जाए तो इसके पास अपनी खुद की तकनीक , हथियार , कर्मचारी , सैनिक बल , स्पेसशिप, खूब सारा पैसा , विश्व भर में अच्छी पहचान सब है । अमेरिका की खुफिया एजेंसी , चाइना की खुफिया एजेंसी हर एक देश की खुफिया एजेंसी की जानकारी इस अकैडमी के पास है ।

यह स्पेस एजेंसी विश्व की सबसे बड़ी एजेंसी है बस इसका कार्यक्षेत्र थोड़ा अलग है इस वजह से यह किसी भी रैंक में पहले स्थान पर नहीं आती ।


मिटिंग

गोवा शहर के एक छोर पर बना एक इलाका पूरी तरह से स्पेस अकैडमी के अंडर में है । इस इलाके में 51 बड़ी – बड़ी बिल्डिंग , तीन हॉस्पिटल , 28 फैक्ट्रियां और एक बड़ा विद्युत कारखाना हैं । सुरक्षा व्यवस्था में इस इलाके की तकनीक इतनी उच्च है की यहां से गुजरने वाली हवा की भी जांच होती है ।
इस इलाके को “ए एस ओ ए” सिटी के नाम से जाना जाता है ।

फिलहाल दुनिया भर की तमाम अखबारों , न्यूज़ चैनलों , सब जगह पर इन्हीं रहस्यमयी घटनाओं की चर्चा हो रही है । मौके की गंभीरता को देखते हुए स्पेस अकैडमी के सीईओ कैप्टन रोड ने एक एमरजैंसी मीटिंग बुलाई है ।


इस मीटिंग में स्पेस अकैडमी के सभी उच्च अधिकारी मौजूद हैं ।

टेबल के बीचो बीच मौजूद एक गोल कंप्यूटर स्क्रीन पर दोनों घटनाओं की फोटोस एक के बाद एक आ रहे हैं । सामने की दीवार पर लगी कंप्यूटर स्क्रीन पर भी इन घटनाओं की वीडियो देखने को मिल रही है जो कि स्पष्ट नहीं थी ।

टेबल की दाई और एक बड़ी कुर्सी पर कैप्टन रोड अपना हाथ ठोड़ी पर सटाए सामने वाली स्क्रीन को देख रहे हैं ।

कैप्टन रोड का व्यक्तित्व दोहरे पहलू वाला है । वह शांत स्वभाव में भावुक रहने वाले व्यक्ति हैं । उम्र लगभग 36 के पास , मुंह पर काली दाढ़ी और मूंछें , सर के बालों का स्टाइल पुराने जमाने के एक्टर शशि कपूर जैसा ।‌ वेशभूषा में वह संदेव कोट पैंट ही पहनते हैं । स्पेस अकैडमी के सीईओ बनने से पहले वह मिलिट्री हेड के कैप्टन थे जहां उनके जबरदस्त कार्यो ने उन्हें दुनिया भर में प्रसिद्ध कर दिया । अपने शानदार कार्यों की वजह से वह अब दुनिया में कैप्टन रोड के नाम से जाने जाते हैं ।

मीटिंग के उच्च अधिकारियों में स्पेस एकेडमी की तकनीकी शिक्षा की जानकारी रखने वाले मिस्टर हॉकिंग

हथियार बनाने वाले – मिस्टर वर्जन

स्पेस अकैडमी के एडवांस मैनेजर – मिस्टर ट्रिक्स

जासूसी कार्य संभालने वाले – मिस्टर रमेश

और स्पेस अकैडमी की सेना के जनरल – मिस्टर विश्वास

स्पेस अकैडमी की स्पेशल सेना जिसे स्पेस फोर्स कहा जाता है के जनरल – मिस्टर दीनदयाल

ऑफिसर्स को कमांड देने वाले सचिव मिस्टर हडसन सब मौजूद है ।

घटना का ब्योरा देने वाली एक कंप्यूटर स्क्रीन से आवाज आई ।‌

घटना – ट्रेन का रहस्यमयी तरीके से ओवरस्पीड हो जाना जिसके बाद वह दीवार तोड़ते हुए न्यूयॉर्क के मुख्य समारोह चौक तक जा पहुंची ‌। कुछ यात्रियों को छोड़ सभी यात्रियों की याददाश्त मिटाई जा चुकी थी । घटना के वक्त वहां तकरीबन 3000 लोग मौजूद थे पर किसी को इसके बारे में कुछ नहीं पता ।

ट्रेन के ओवर स्पीड होने का कारण – अननोन

ट्रेन में क्या हुआ – अननोन

ट्रेन की क्षतिग्रस्त हालत के पीछे का कारण – अननोन

लोगों को क्यों कुछ याद नहीं – अननोन

घटना के पीछे किसी के होने की आशंका – फिलहाल किसी की नहीं पर अंदेशा जताया जा रहा है कि इसके पीछे किसी नऐ खुफिया दल की भूमिका हो सकती है ।

ओवर

कंप्यूटर स्क्रीन से एक बीप की आवाज बजी और जो भी स्क्रीन पर हलचल हो रही थी सब रूक गई ‌

” सच में सर , स्पेस अकैडमी ने अब तक इससे बड़े बड़े केस सॉल्व किए हैं पर ऐसा केस कभी नहीं देखा , इस केस के सारे के सारे सुबूत दुर्घटना के तुरंत बाद मिटा दिए गए , दुर्घटना के वक्त वहां 18 सीसीटीवी कैमरे थी पर किसी भी कैमरे की फोटोज में इसका रिकॉर्ड नहीं मिला ” मिस्टर दीनदयाल ने स्क्रीन की एक फाइल खोलते हुए कहा ।

” यही तो हैरानी वाली बात है अगर यह कोई आम घटना होती तो ऐसी तकनीक का प्रयोग कोई यहां क्यों करता , यह घटना मुझे राजनीतिक लगती है , कहीं ना कहीं इसके पीछे बड़ी ताकतो का हाथ है ” मिस्टर हडसन बोले

मुझे भी ये कार्य किसी अन्य शक्तियों के द्वारा किया लगता है क्योंकि वहाँ एक भी हथियार का उपयोग नही हुआ , अगर हादसा समय पर न रुका होता तो निश्चय ही एक भयंकर तबाही का नमूना देखने को मिलता – मिस्टर वर्जन ने अपनी बात रखी।

लेकिन आखिर ये दुर्घटना हुई क्यों नही ? होते – होते अचानक कैसे रुक गयी ? यह भी सोचने वाली बात है, किसने रोका होगा इसे ? इसका भी कोई पता नही है । मिस्टर रमेश ने कहा।

बात ये नही है मिस्टर रमेश कि क्यो, किसने, कैसे इस दुर्घटना को रोका । यहाँ मुख्य बात ये हो रही है कि ट्रेन पर हमला किसने करवाया और किस प्रकार करवाया – सेना के जनरल मिस्टर विश्वास , मिस्टर रमेश की बात को काटते हुए बोले।

मिस्टर ट्रिक्स – तब तो ये मान लेने में कोई बुराई नही है कि इसके पीछे किसी शैतानी शक्ति का हाथ है और अगर ये मान लिया जाए तो फिर वो शैतानी शक्तियां कौन है और क्या चाहती है।

हम यहां फिजूल की बाते करने नही आये है मिस्टर ट्रिक्स । – कैप्टन रोड बोले।

“ फिर भी ! सम्भावनाये तो बहुत है , आप ही सोचिए , एक ट्रेन दुर्घटनाग्रस्त होते होते बचती है और सी सी टी वी में भी कुछ नही आता और तो और सभी यात्रियों की याददाश्त भी लगभग गुम है ।” मिस्टर दीनदयाल बोले।

” सर लोग तरह-तरह की अटकलें लगा रहे हैं , उनका कहना है कि गाड़ी पर किसी राक्षस ने हमला किया था और उन्हें किसी रक्षक ने बचाया जो उनके लिए भगवान समान था , पर ऐसा सिर्फ कुछ का ही कहना है ” मिस्टर रमेश ने अपनी बात सबके सामने रखी ।

” बकवास है यह ….हम सब जानते हैं कि ऐसा कुछ नहीं होता ……इतने सारे केस सॉल्व कर चुके हैं जिसमे हर नामुमकिन चीज के पीछे इंसान का हाथ ही निकला है ” हडसन बोले

वह सब तो अब जांच करने पर ही सामने आएगा , एक काम करो पहले वाली घटना की जांच हमारी अकैडमी की सबसे बेस्ट ऑफिसर्स को दो – कैप्टन रोड ने कहा

” यु मीन सर……. निधि ” मिस्टर हडसन ने कहा ।

” हां ” केप्टन रोड ने मिस्टर हडसन की तरफ देखा

” सर दूसरी घटना के बारे में आपके क्या विचार हैं , जो स्पेसशीप गायब हुई है उसमें हमारे 3 मेंबर भी थे ,घटना का कारण अभी तक किसी को पता नहीं चला , यह देखिए उसकी रिपोर्ट ” मिस्टर हडसन बोले

हडसन ने एक बटन दबाया जिसके बाद स्क्रीन पर दूसरी घटना की डिटेल चलने लगी ।

घटना – स्पेसशिप का रहस्यमयी तरीके से बीच रास्ते से ही गायब हो जाना है । सोनार सिस्टम से स्कैनिंग करने के बावजूद कोई सूचना नहीं मिली ।
स्पेसशिप का हमारे सौरमंडल से बाहर होने की आंशका ।

स्पेशशीप में कुल 10 क्रूज़ मेंबर थे सब के सब स्पेसशिप के साथ गायब ।

स्पेसशिप के गायब होने का कारण – अननोन

स्पेसशिप में क्या हुआ – अननोन

स्पेसशिप के सदस्य कहां गए – अननोन

स्पेसशिप के द्वारा जारी आखरी सूचना – पढ़ पाने में असफल , सूचनाओं के साथ छेड़खानी होने की आंशका

घटना के पीछे किसी के होने की आशंका – फिलहाल तो किसी की भी नहीं यह ना तो कोई एलियंस घटना है और ना ही कोई चमत्कारी घटना ।

ओवर

इसके बाद स्क्रीन पर फिर बीप की आवाज बजी और स्क्रीन पर होने वाली हलचल पुनः रुक गई ।

” एक और ऐसा हादसा जो अपने आप में विचित्र है आखिर ऐसे कैसे कोई स्पेसशिप बीच रास्ते में से ही गायब हो सकती है ” मिस्टर विश्वास ने कहा ।

” किसी हादसे का अंदेशा …? ” कैप्टन रोड ने कहा

” सर वो स्पेसशिप 4 फुटबॉल मैदान जितनी बड़ी थी अगर उसके साथ कोई हादसा होता है या वह किसी दुर्घटना का शिकार होती तो उसका मलबा कहीं मिलता लेकिन हमने हमारी उच्च तकनीकी क्षमता से पूरे स्पेस को स्कैन किया है कहीं भी हमें उसके मलबे का नामो-निशान नहीं मिला ” जनरल विश्वास ने कहा

” ठीक है इस केस को सॉल्व करने की जिम्मेदारी हमारी स्पेस फ़ोर्स को दें दो और एक काम करो 12 लोगों का दल बृहस्पति ग्रह की और भेज दो और उन्हें वहां शुरुआती जांच करने के लिए कह दो, अब अगली मीटिंग आने वाले शनिवार को होगी , आप सब जा सकते हो ” कैप्टन रोड में सभी को जाने का ऑर्डर दिया

मीटिंग खत्म हुई …सभी सदस्य अपनी-अपनी जगहों की ओर निकल लिए … जिस जिस को जो जो केस मिला है उस केस की जानकारी उस तक ईमेल कर दी गई …अब देखना दिलचस्प होगा कि आगे क्या होता है ….. और इस केस को सॉल्व करने वाले एजेंट कैसे इस केस को सुलझाते हैं ।‌


Chepter – 2

THE FIRST DAY

Journey Begins From A Call


सुबह-सुबह का समय, सूरज की पहली किरण आसमान को चीरते हुए, सीधे निधि के हल्के गुलाबी गाल पर पड़ती है ।

“आह”

लाल मखमली कंबल में करवट बदलते हुए वह अपना हाथ इधर-उधर मारती है और पास पड़े तकिए को उठा अपने गुलाबी गाल पर रख लेती है ।

कंबल में ही अपने पैरों को पसारते हुए वह फिर से करवट बदलती है और अपनी छोटी बनियान को कुछ नीचे खिसकाती हुई लंबी आराम भरी सांस लेती है ।

बाहर के वातावरण में पक्षियों का चहचहाना है तो कमरे के वातावरण में सिर्फ दो तरह की आवाजों का गूंजना – पहली घड़ी की टिकटिक और दूसरी पंखे का खच-खच ।

निधि के काले बाल उसकी गर्दन को चूमते हुए सीधे उसकी पीठ पर जमा हो रहे हैं जिसे खिड़की से आने वाली हर एक ठंडी हवा का झोंका साइड में कर रहा है । उसकी नीली नशीली आंखें नींद की आगोश में खोई हुई है जिससे जगने की चाहत उसे कतई नहीं है ।

सब कुछ बिल्कुल सामान्य चल रहा था । कहीं कोई हलचल नहीं, पर सिर्फ तब तक, जब तक एक MP3 से निकलने वाली अंग्रेजी गाने ने इस चुप्पी को नहीं तोड़ा ।

MaKe mE SOmE SunsHinE

Let tHe ‘akE feEl of lovE

BeGan tHe nEw movE Of JouRny

cmOn, cmOn wakE up nOw

हॉलीवुड का एक अत्यंत ही मोटिवेशनल Song , जिसे सुन हर किसी के रोंगटे खड़े हो जाए, Song में इतनी उर्जा थी कि वह हारे हुए बंदे को भी फिर से जीता दे, दिमाग के अंदर तक Song जोश भर रहा था ।

पर …

फटाक…धांए

ये क्या ! निधि ने पास रखे रिवाल्वर से म्यूजिक प्लेयर की धज्जियां उड़ा दी । कुछ देर पहले म्यूजिक प्लेयर से निकलने वाला जोश भरा गाना अब एक बेसुरी आवाज वाली करकराहट में बदल गया ।

फटाक …धांए

फटाक …धांए

फटाक …धांए

जिसे भी निधि के रिवाल्वर की बाकी गोलियों ने बंद कर दिया ।

रिवाल्वर से निकलता धुआं, ऊपर उड़ते हुए पंखे की हवा में विलीन हो जाता है । कमरे में फिर से सन्नाटा छा गया । निधि पास रखे दूसरे तकिऐ को उठाती है और उसे अपने सीने से लगा पैरों में पूरी तरह से जकड़ लेती है और मीठी मीठी सांसे लेती हुई फिर से नींद के आगोश में खो जाती है ।

बेड के पास वाले टेबल पर रखे गुलदस्ते से निकलने वाली खुशबू हवा के माध्यम से निधि के गुलाबी होठों को छुते हुए उसी में समा रही थी । निधि के गोल उभरे हुए गाल और उन पर छाया हल्की गुलाबीपन, उसके गाल और होठों के बीच बने काले तिल को छुपाने की कोशिश कर रहा था । उसकी गोल सुराहीदार गर्दन इस वक्त तकिऐ को जोर से दबा रही थी पर इस अवस्था में भी तकिए को जैसे, उसकी मुलायम गर्दन का तनिक भी दबाव महसूस नहीं हो रहा ।

कमरे में शांति बनी हुई थी और घड़ी की टिकटिक और पंखे की खचखच के सिवा कुछ भी सुनने को नहीं मिल रहा। सब कुछ सही था पर पता नहीं कहां से अचानक एक तेजतर्रार आवाज कमरे की शांति को चीरते हुए सीधे निधि के कानों पर झुंझला उठी । यह अलार्म की आवाज थी जो बढ़ती हुई दर्दनाक तरीके से कमरे में गूंजने लगी ।

सोए हुए व्यक्ति के लिए यह आवाज किसी शारीरिक प्रताड़ना से कम नहीं । झुंझलाती निधि ने पैरों के बीच फंसे तकिए को निकाला और कसके अपने कानों को ढक लिया ।

सुबह-सुबह का समय और ऊपर से नींद का नशा, ऐसे में आपकी हर एक प्यारी चीज, जो आपको जगाने की कोशिश करती है, आपकी दुश्मन बन जाती है ।

निधि पूरे बेड से सिमटकर थोड़ी सी जगह पर आ चुकी थी, उसके शरीर से लिपटा कंबल धीरे-धीरे उसका साथ छोड़ नीचे गिर रहा था, तकिए पर पड़ने वाला दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है, कंबल उसकी पीठ से सरकता हुआ उसकी कमर तक आ पहुंचा जहां वह उसकी छोटी जींस पैंट के सहारे अटक गया । हवा के झोंके ने उसी हिस्से की बनियान को हटाते हुए साइड में कर दिया जिससे उसकी पीठ की गोरी त्वचा सीधे नजर आने लगी ।

पीठ की इस गोरी त्वचा पर छोटे भूरे बालों के बीच ठीक वैसा ही तिल था जैसा तिल उसके गोरे हल्की गुलाबी गाल पर था । पंखे की धीमी हवा भी लहराते हुए इस हिस्से पर अजीब ठंडक पैदा कर रही थी पर अचानक

धड़ाम …

कुछ देर पहले जिस गुलदस्ते से भीनी खुशबू आ रही थी निधि ने वही गुलदस्ता उठा अलार्म घड़ी पर दे मारा ।

कमरे में एक बार फिर से सन्नाटा छा गया । तकिए को फेंक निधि फिर से सुव्यवस्थित होती है और खुद को लाल मखमली कंबल में लपेट लेती है । आराम की सांस लेते हुए वह अपने गुलाबी होठों का एक अजीब आकार बनाती है और ऊपर की तरफ हवा का दबाव डालते हुए माथे पर आए बालों को हटाती है । कुछ ही देर में लंबी और मीठी मीठी सांसे लेकर वह फिर से नींद के आगोश में खो गई ।

गुलदस्ते की टेबल के दाहिने और एक और टेबल पड़ा था जिस पर एक लैपटॉप रखा हुआ था यह लैपटॉप सामान्य लैपटॉप से थोड़ा अलग था । इसका आकार एक छोटी अटैची के जैसा था अगर इस लैपटॉप को बंद कर दिया जाए तो यह अटैची का ही रूप ले लेगा । बेड के सामने की ओर बने आलीशान फर्नीचर में कुछ अवॉर्ड्स रखे हुए थे जिनमें से एक पर लिखा था,”द बेस्ट एजेंट ऑफ द ईयर” और उसके पास ही एक सर्टिफिकेट था जिस पर बड़े बड़े अक्षरों में स्पेस अकैडमी लिखा हुआ था और नीचे निधि का नाम । फर्नीचर के बीचोंबीच एक एलइडी स्क्रीन थी तो उसके जस्ट ऊपर वही म्यूजिक प्लेयर जिसके परखच्चे निधि ने अपनी रिवॉल्वर से उड़ाए ।

म्यूजिक प्लेयर के सारे पुर्जे, कंकाल की तरह बाहर निकले हुए थे जिनमे़ लगी कुछ बिजली के तारों में शॉर्ट सर्किट होने लगा । शॉर्ट सर्किट से निकलने वाले चिंगारियां लगातार फर्श पर बिछे कालीन पर गिर रही थी । पंखे की हल्की हवा और छोटी-छोटी चिंगारियां का लगातार प्रभाव, फर्श पर बिछे कालीन में आग सुलगाने के लिए काफी था ।

नऐ ट्रेंड वाला यह कालीन सूखी घास की पत्तियों से बना हुआ था जो एक बार आग पकड़ ले तो उसको कुछ ही क्षणों में भयानक रूप दे दे । निधि के बदंन से लिपटा कंबल उसकी कमर से होते हुए आधा जमीन पर गिरा पड़ा था । उसके बेड की चदर भी इतनी बड़ी थी कि वह फर्श के कालीन को छू रही थी ।

सुलगती हुई आग धीरे-धीरे कालीन के जरिए होते हुए नीचे पड़े कंबल तक पहुंचती है । कालीन पूरे घर में बिछा हुआ था, जिसमें एक कमरा जहां निधि सो रही थी, एक छोटा किचन और एक हाॅल था । सुलगती आग का दूसरा छोर हॉल और किचन की तरफ जाता है ।

मीठी मीठी नींद में खोयी निधि, इस पूरी हलचल से अनजान, नींद के नशे के परम आनंद का लुफ्त ले रही थी । इस अवस्था में उसकी ऊपर नीचे होती हुई आंखों की भौंह और होठों की हल्की मुस्कुराहट उसकी सुंदरता को दुगनी कर रही थी ।

“आह”

आह भरते हुए निधि ने एक लंबी सांस ली पर हल्की ठंडी खुशबू भरी सांस में निधि को इस बार कुछ गर्माहटपन महसूस हुआ ।

निधि ने अपने नाक को सिंगोड़ा और झटके से दो चार और सांसे ली ।

फिर से गर्माहट भरी सांसे ।

कहीं ना कहीं कुछ तो गड़बड़ है, अपनी दोनों बंद आंखों में से निधि एक आंख को धीरे धीरे हल्के से खोलती है इस उम्मीद में कि सब कुछ ठीक हो पर जैसे ही वह आंख खोलती है उसे सामने का दृश्य नजर आता है जहां एक डेस्क पूरी तरह से जल रहा था ।

” What the Fuck ” निधि सटाक से उठी

यह दृश्य देख निधि की सारी की सारी नींद एक ही झटके में उड़ गई ‌। पूरा कमरा आग से घिर चुका था । निधि का बेड और कंबल भी आग की लपटों में झुलस रहा था ।

” Shit ”

यह बोलते हुए निधि ने अपना हाथ सर से सटा दिया और तिरछी निगाहों से पूरे कमरे को देखा । कंबल में लगी आग निधि की तरफ आ रही थी , सारी नींद टूटने के बावजूद निधि पर नींद का हल्का नशा बाकि था और इस नशे में वह इस आग को अपनी ओर आते हुए देख रही थी ।

कमरे की हर एक चीज जल रही थी , फर्नीचर में रखी एलईडी स्क्रीन, फर्नीचर के जलने के बाद धड़ाम से नीचे आ गिरती है । जलती हुई आग छत तक पहुंचने को तैयार थी, घर भी लकड़ी का बना हुआ था जिस वजह से घर का जलना भी तय था पर निधि वह अभी भी बेड पर बैठी जलती हुई चीजों को घुर रही थी ।

” उफ्फ , फिर से नहीं यार ” उसने अपने सर को खुजाया और अपनी नजर किचन की तरफ की जहां
किचन में फैली आग धीरे-धीरे सिलेंडर तक पहुंच रही थी जो उस से कुछ मीटर की ही दूरी पर था और उसकी पाइप भी आग पकड़ चुकी थी ।

” ओह, मर गई ”

बस फिर क्या निधि ने ना आव देखा न ताव

ऊपर लिया कम्बल साइड में उठा फैंका ।

टेबल पर रखे लैपटॉप को खिड़की से बाहर धकेला ।

टेबल के दूसरी और रखे फ़ोन को छोटी जींस स्कर्ट की पीछे वाली जेब में डाला ।

रिवाल्वर उठा पेंट की साइड में फंसाया और बेड से कुदते हुए सीधे पंखे से जा लटकी और झूलने लगी ।

दीवारों को लगी आग छत पर फैलती जा रही थी और सिलेंडर भी कुछ देर में फटने वाला था ऐसे में निधि पंखे से लटकी हुई थी जहां उसकी एक गलती उसके पूरे गोरे बदन को झुलसा सकती है ।

आग की लपटों का एक झुंड निधि की ओर बढ़ा , निधि थोड़ी पीछे की ओर गई और एक लंबा झूला लेते हुए उन आग की लपटों में से होते हुए सीधे खिड़की से बाहर आ गिरी ।

निधि का घर गोवा के शानदार बीच पर बना हुआ था जहां उसके सामने समुंदर का बेहतरीन नजारा था तो पीछे जंगल का हरियाली भरा दृश्य ‌।

कुछ देर पहले मखमल के कंबल में लिपटी निधि अब रेतीली मिट्टी से दो दो हाथ कर रही थी , उसका गोरा बदन मिट्टी में चित हो चुका था , पर मुसीबत अभी खत्म नहीं हुई थी जिसका अंदाजा निधि को भी था ।

इसलिए उसने जल्दबाजी में खुद को संभाला और पास पड़ी अटैची को उठा सामने कि ओर भागने लगी , उतनी तेजी से , जितनी तेजी से वह भाग सकती थी ।

भागते भागते “बड़ाम” एक जोरदार धमाका हुआ, और हवा में उड़ती हुई निधि फिर से मिट्टी में जा धसीं ।

उसका घर और नींद दोनों एक साथ उड गए , घर के तो चिथड़े-चिथड़े हो चुके थे । पर निधि की शक्ल देख लग रहा था कि अभी भी उसे किसी बात का अफसोस नहीं ‌।

मिट्टी से अलग होते हुए उसने खुद को संभाला और पास रखी अटैची को सिरहाने रख फिर से लेट गई ।

” आह, ये भी गया ” वह बोली

आसमान साफ था , पक्षी अपने अपने घरों से निकल आसमान की लंबी उड़ान भर रहे थे ,समुद्री बीच पर चलने वाली ठंडी हवा उत्तर से होते हुए दक्षिणी गोलार्ध की ओर जा रही थी । अटैची को सराहना बनाकर लेटी निधि ने अपना हाथ रेत में इधर-उधर करना शुरू किया और रेत के ठंडेपन को महसूस किया ।

” हम जिंदगी में कितना कुछ करते हैं, जिंदगी से जूझते है, लड़ते हैं, वह हमें हराती है और हम उसे , पर इन सब के बावजूद ऐसे पल बहुत कम देखने को मिलते हैं, काश यह पल कभी खत्म ना हो ” आसमान की तरफ देखते हुए निधि ने अपने आप से कहा ।

पर शायद ऐसा संभव नही था, कोई भी इंसान किसी एक अवस्था में लगातार नहीं रह सकता और निधि भी नहीं ।

इस मनमोहक पल का निधि ने अभी आनंद लेना शुरू ही किया था कि उसके सिरहाने रखे लैपटॉप से एक बीप की आवाज आई ।

” हेलो मिस निधि प्लीज कंफर्म योर पासवर्ड ”

” What the fuck इसे भी अभी आना था”

पासवर्ड कंफर्म ….मैसेजेस ईज रीडिंग

I am confirmly confident to saying that you are selected for a new mission of space academy. Your name for this mission is naira and you have only 18 horse for solving this mission . Let’s take the mission and complete it on time.

Thank you

and please change the password of your laptop

……..

और उसके बाद लैपटॉप के बीप की आवाज बंद हो जाती है।

“ओह …. मिशन आया है तो पूरा करना पड़ेगा , चल निधि….. बहुत आराम कर लिया ….अब थोड़ा काम कर लिया जाए ”

Disclaimer – These stories are written and published only for entertainment. comic haveli and writers had no intent to hurt feeling of any person , community or group. If you find anything which hurt you or should not be posted here please highlight to us so we can review it and take necessary action. comic haveli doesn’t want to violent any copyright and these contents are written and created by writers themselves. The content is as fan made dedications for comic industry. if any name , place or any details matches with anyone then it will be only a coincidence.


Facebook Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.