Pravah

प्रवाह – प्रथम अंक

एक अनुरोध

हम सब की अथक मेहनत का प्रयास के बाद ‘प्रवाह’ आपके समक्ष है।

हर चीज़ की शुरुआत करना सबसे कठिन और मेहनत का काम होता है क्योंकि हमे इसकी शुरुआत शून्य से करनी होती है। जो शुरुआत में बस एक कल्पना मात्र हो उसे यतार्थ रूप में लाने में परिश्रम और दृढ़ संकल्प की आवश्यकता होती है। इस मामले में मैं बहुत किस्मत वाला हूँ । क्योंकि मुझे  एक  परिश्रमी टीम  मिली । जिन्होंने अपनी मेहनत और लगन से इस कार्य को बहुत आसान बना दिया।

सभी ने अपनी तरफ से पुरजोर मेहनत की है और आशा है कि आपको हमारा ये कार्य अवश्य पसंद आएगा और आगे के लिए प्रोत्साहन प्राप्त होगा।

सभी ने बिना किसी लाभ के केवल आपके मनोरंजन के लिए अथक मेहनत की है इसलिए हमें प्रोत्साहित या हमारी गलतियां बताने में कोताही ना बरतें।

आप सभी से निवेदन है कि इस पत्रिका को ज्यादा से ज्यादा लोगो को पढाये जिससे कि हमे ज्यादा से ज्यादा लोगो की प्रतिक्रियाएं मिले और हमारा काम और निखर कर सामने आए आगे के अंकों मे।

आप सभी का फिर एक बार धन्यवाद।

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कॉमिक-हवेली-प्रवाह

 

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14 Comments on “Pravah”

  1. Congratulations… It’s a great day.. I know there is a lot of efforts by everyone to bring this live… With lots of love and wishes, I still need to read it full and share feedback after reading..

  2. Bahut badhiya prayas. Padhkar maza aaya. Background aur font colour ka dhyaan rakhein. Kahin kahin font aankho ko chubh raha hai aur background bahut dark hai use dhoondhla ya na ke barabar hona chahiye. Maha- Aarambh main kahani poori nahi huyi hai lekin wahan par to be continued ya kramasha nahi likha gaya hai. Baaki to sab badhiya hai. Varg Paheli suljhate huye to maza aa gaya. kahaniya badhiya lagi. Aise hi prayas nirantar jaari rakhein.

  3. प्रवाह पत्रिका एक सराहनीय प्रयास है।
    हार्दिक धन्यवाद।
    Gurpreet Singh

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