Sarvnayak se Trast Part 2

सर्वनायक से त्रस्त 

भाग 2

तो दोस्तों जैसा कि आपने पिछले पार्ट में पढ़ा कि किस तरह ध्रुव, नागराज, डोगा और परमाणु के साथ मिल कर एक Meeting रखता है कि किस तरह सर्वनायक प्रतियोगिता रुकवाई जाए और तभी कोबी आ टपकता है और डोगा और कोबी के बीच मल्लयुद्ध शुरू हो जाता है नागराज बीच बचाव के लिए उतरता है और डोगा नागराज को भी बुरा भला कहने लगता है और नागराज से भी पंगा ले लेता है ।
अब आगे –👇

नागराज : 😠अबे डोगा के बच्चे तेरी हिम्मत कैसे हुई मुझसे ऐसे बात करने की जानता है ना मै टीम का कप्तान हूँ

डोगा :😠अबे कप्तान जाए तेल लेने
कप्तान है तो क्या करूँ नाचू हमारा कप्तान तो ध्रुव को बनना चाहिए था लेकिन ये हरा कीड़ा पता नहीं कैसे कप्तान बन गया मुझे तो लगता है ये सुगम से मिला हुआ है

परमाणु : सुगम नही युगम, ही ही😁

डोगा : अबे हाँ वही

नागराज : अबे मैं किसी से नहीं मिला हुआ हूँ, पिल्ले के डोगा मेरा मतलब डोगा के पिल्ले 🐕

डोगा :देख बे नागराज के संपोले 🐍गाली मत बक वरना तेरे मुन्ह मे ग्रेनेड💣डाल दूँगा पिन खींच के

कोबी : ( आग मे घी डालते हुए) नागराज ये तुमको क्या क्या बके जा रहा है और तुम चुपचाप सुन रहे हो उड़ा दो इसे ध्वंसक सर्पों से 😈 ही ही ही (कमीनगी वाली हंसी)

 

डोगा : ऐसा कोई बारूद या बम नहीं बना जो डोगा को उड़ा सके

 

कोबी : बेटा डोगा नागराज के ध्वंसक सर्प प्राकृतिक बम हैं और इससे तू तो क्या तेरा बाप भी नहीं बच सकता

परमाणु : आंए 😮
नागराज : (😏 मन ही मन गच्च होता है) पहली बार अपने ध्वंसक सर्पों की बड़ाई सुनकर दिल को सुकून मिल रहा है

कोबी : नागराज देख क्या रहे हो उड़ाओ इस कुत्ते 🐶को
( इससे पहले की नागराज डोगा को उड़ाता कोबी खुद हवा मे उड़ता नज़र आने लगा, डोगा ने पूरी ताकत लगा कर किक मारी थी कोबी को और जब डोगा अपने पूरी ताकत लगा कर किक मारता है किसी को, तो बन्दा हवाई जहाज✈बन जाता है और फिर हवा में ही नज़र आता है, उड़ता हुआ कोबी कुछ दूर जा गिरा और डोगा उसके पीछे लपका उससे जमकर मुक्का–लात✊ करने के लिए कि तभी नागराज ने 🐍नाग रस्सी फेक कर उसका पैर पकड़ लिया)

नागराज : भागता कहाँ है बे इधर आ पहले अपना हिसाब बराबर करें

डोगा : नागराज छोड़ दे आज तो धरती🌎 का बोझ कम करके ही रहूंगा

नागराज : मैं भी तो वही करने जा रहा हूँ तुझे मारकर

डोगा : ठीक है पहले एक तू मुझे मार फिर मैं तुझे एक मारूँगा

 

नागराज :मेरा एक घूंसा खाने के बाद तू खड़ा रहने लायक रहेगा तब ना मुझे मारेगा

( फिर इससे पहले की नागराज डोगा को घूंसा जमाता डोगा एक तेज़ चीख के साथ रॉकेट🚀 बनकर आकाश की तरफ रवाना हो चुका था)

 

नागराज : ये क्या मेरे घूंसा जमाने से पहले ही ये उड़ गया कैसै

(डोगा को रॉकेट बनाने वाला कोबी था गदा का सीधा प्रहार किया था उसने डोगा की तशरीफ पर और कोबी की गदा के आगे तो बड़े बड़े पहाड़ों🗻 के सीने भी दहल जाते हैं फिर डोगा की क्या हस्ती थी, हाँ अगर कोबी सामने से हमला करता तो फिर उसके लिए मुश्किल होता डोगा के ऊपर वार करना )

 

कोबी : मैने डोगा को आकाश की गहराइयों मे भेज दिया है अब वहीं भटकता फिरेगा वो

ध्रुव : कोबी ये तुमने अच्छा नही कियी वो था तो हमारा दोस्त ही

कोबी : अजी काहे का दोस्त जी अच्छा हुआ अब भटकता फिरेगा वो कुत्ता 🐶

परमाणु : खुद तो जैसै लगता है इन्सान है

कोबी : 🐺क्या बोला बे उड़ने वाले कीड़े 🐞

परमाणु :तमीज़ से बात कर बे जानवर मैं डोगा नही हूँ

कोबी : हाँ तब तुझे मारना तो और आसान होगा क्युकि तू डोगा नही है

परमाणु : म म मेरा मतलब है मै डोगा से भी ख़तरनाक हूँ

ध्रुव : बस करो तुम दोनो अब फिर नई समस्या उत्पन्न कर रहे हो, परमाणु तुम्हारे पास उड़ने की शक्ति है तुम उड़ कर जाओ और देखो डोगा कहाँ है

परमाणु : Ok 👌 मै जाता हूँ,(परमाणु सोचता है) 😓 जा तो रहा हूँ पर मेरी ये उड़ान बन ना जाए कहीं ‘ आखरी उड़ान ‘
(परमाणु उड़ता हुआ आकाश मे बहुत दूर आ चुका है और उसे चारो तरफ अजीबों ग़रीब planets🌚 नज़र आने लगे हैे)

परमाणु : बाप रे इतने सारे planets इनमे से किसपर होगा डोगा ( यही सोचता हुआ वह एक ग्रह पर उतर जाता है)

परमाणु :कमाल की बात है यहाँ तो ऑक्सीजन भी मौजूद है इसका मतलब डोगा जहाँ कही भी होगा सही सलामत ही होगा बस मुझे जल्द से जल्द उसे ढूंढना होगा ।

(इधर ध्रुव और बाकी सब)

ध्रुव : नागराज और कोबी तुम दोनो मे से किसी के पास कोई आईडिया है

कोबी : आईडिया ये क्या चीज़ होती है, मेरे पास तो नही है

नागराज : अबे उल्लू की दुम आईडिया मतलब कोई तरकीब है

कोबी : नहीं तरकीब भी नही है मेरे पास मेरे पास तो सिर्फ मेरी गदा है

ध्रुव : किस उल्लू के पटठे से पूछ रहे हैं हम, नागराज अब सिर्फ मै और तुम ही काबिल हैं यहाँ तुम्हारे पास कोई तरकीब है

 

नागराज : क्यों तुम्हारे पास कोई तरकीब नही है क्या

ध्रुव : मेरा दिमाग़ आज पता नहीं क्यों काम ही नहीं कर रहा है

कोबी : हैंग कर गया होगा ही हीही😁

 

ध्रुव :😠

(उसी वक्त इन्सपेक्टर स्टील का प्रवेश होता है)

कोबी : लो आ गया टीन का डिब्बा 😁

ध्रुव : 😠कोबी अब दुबारा झगड़ा ना शुरू हो इसलिए ज़रूरी है कि तुम अपना मुँह बन्द करके बैठे रहो

इन्सपेक्टर स्टील :(बैठते हुए) क्या दोस्तों कोई हल मिला समस्या का

ध्रुव :अभी तक तो नहीं

नागराज : I have an idea

ध्रुव : क्या

नागराज :अगर हम यहाँ से बाहर नहीं निकल सकते तो किसी और को तो यहाँ पर बुला ही सकते हैं

ध्रुव : और किसी और को यहाँ बुलाकर क्या करोगे वो बेचारा भी यहाँ आकर फस जाएगा

नागराज : मै किसी ऐसे वैसे की बात नहीं कर रहा मैं उस महान खुराफाती इन्सान की बात कर रहा हूँ जो देवताओं की भी नाक में दम कर चुका है और जिसका सामना बाकी सुपर हिरोज़ सेभी हो चुका है ध्रुव मुझको और तुमको छोड़कर

ध्रुव : मैं समझ गया तुम किसकी बात कर रहे हो पर मैं उसे यहाँ लाने की इजाज़त नहीं दूँगा क्योंकि वो एक नम्बर का मक्कार और घटिया किस्म का इन्सान है वो यहाँ आएगा और हमारी समस्याएं घटने के बजाए और बढ़ जाएंगी 😕

 

नागराज :वो मक्कार है पर तुमसे भी ज़्यादा दिमागदार है,षड्यन्त्रों का गोदाम है उसका दिमाग वो आएगा और अपने षड्यन्त्रों के जाल में फसाकर युगम को ये प्रतियोगिता रोक देने पर मजबूर कर देगा 😏

(इधर परमाणु)

परमाणु : 😲बाप रे बाप यहाँ तो चारों तरफ सन्नाटा ही सन्नाटा है और अंधेरा भी, कहीं न कोई आवाज़ और ना ही कोई नज़र आ रहा है मुझे तो लगता है ये यात्रा बन जाएगी मेरी ‘काल यात्रा ‘

( तभी परमाणु को कोई आकृति नज़र आती है)

परमाणु : अरे वहाँ कौन खड़ा है ज़रूर डोगा ही होगा, डोगा मेरे भाई मै आ गया (कहकर परमाणु दौड़ता हुआ उसके पास जाता है और फिर जब उसका चेहरा देखता है तो उसके मुन्ह से चीख निकल जाती है ईईईईईईई, ये लम्बी लम्बी दाढ़ी पैरों को छू रही थी कपड़ा उसका इतना पुराना हो चुका था कि एकदम काला हो गया था और शरीर से बहुत ही खतरनाक दुर्गंध आ रही थी एकदम आदिमानव👹 लग रहा था)

(इधर ध्रुव और नागराज)

ध्रुव : वो नहीं आएगा 😠

 

नागराज : आएगा 😬

 

ध्रुव : नहीं 😬

 

नागराज : हाँ 😠

ध्रुव : 😠नहीं मै तुम्हे उसे यहाँ लाने की इजाज़त नहीं दूँगा

नागराज : 😬मुझे तुमसे इजाजत लेने की ज़रूरत है भी नही मैं उसे यहाँ लाकर रहूँगा

(स्टील और कोबी एक साथ) :ए भाई हमे भी बताओ आखिर वो कौन महान हस्ती जिसकी वजह से नागराज और ध्रुव मे इतनी खतरनाक बहस हो रही है

(नागराज और ध्रुव) : बाँकेलाल

 

स्टील :क्यााााााा 😕

 

(इसी वक्त बहुत दूर एक अन्जान स्थान पर कीचड़ों से भरे गढ्ढे मे से एक शख्स उठता हुआ नज़र आता है)

क्रमश :

 

(ही ही दोस्तों अब होगा ‘बाँकेआगमन’ ही ही ही 😁😁)

 

तो क्या हुआ इसके बाद क्या बाँकेलाल को नागराज युगम छेत्र लाने मे सफल हो सका
परमाणु और डोगा का क्या हुआ
गढ्डे से निकलने वाला कौन था
जानने के लिए इंतज़ार कीजिए😀😀😀😀

 

।।।।🌎युगम धारित्री अस्या :🌏।।।
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Written By – Talha Faran for Comic Haveli

 

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