THE BLACK DEMON PART-6 : THE BLACK RIDDLE

 

जेम्स-बॉन्ड की बाइक मोहन नगर के जंगल के पास आ कर रुकी। जेम्स ने फौरन बाइक एक ओर खड़ी और स्टैंड लगया दिया। बॉन्ड अपनी पीठ पर एक बैग टाँगे हुए था जिसमे ऑक्सीजन सिलेंडर भरे हुए थे। प्रोफेसर के द्वारा सुनाई गई कहानी से उन्हें पता चला था की काले जंगल में उन्हें इसकी ज़रूरत पड़ेगी। एक पेड़ के पीछे बाइक छुपाकर वे दोनों जंगल में उतर गए। “हम बाइक से भी तो अंदर जा सकते थे।”  बॉन्ड, जेम्स से बोला।

“ज़रूर जा सकते थे। पर हो सकता है वो शख्स जिसने अब्दुल को बुलाया था वो बाइक की आवाज़ सुनकर सतर्क हो जाए।”  जेम्स ने जवाब दिया।

“ओह। समझ गया।” बॉन्ड बोला और बैग सम्भालते हुए चलने लगा।

अब दोनों जंगल की काफी गहराई में आ गए थे परन्तु उन्हें न ही कहीं कोई जानवर देखने को मिला था और न ही कहीं से कोई आवाज़ आ रही थी। जेम्स-बॉन्ड बड़ी ही तेज़ी से बढ़े जा रहे थे । सूरज धीरे-धीरे पश्चिम की ओर सरक रहा था , शाम होने वाली थी। जेम्स-बॉन्ड ने अपनी रफ़्तार तेज़ की। अब तक उन्हें कुछ संदिग्ध चीज़ नही दिखी थी। जंगल के अँधेरे में तेज़ी से बढ़ते हुए वे दोनों किसी भूत की तरह दिख रहे थे।

अचानक जेम्स को कुछ दिखा । उसने अपने पीछे आ रहे बॉन्ड को पेड़ के पीछे छिपने का इशारा किया और खुद भी उस पेड़ के पीछे छिप गया।

“हुआ क्या? क्या देख लिया तूने?”  बॉन्ड हैरत से जेम्स को देखता हुआ बोला।

“श्श्श्श! उधर देख।”  जेम्स ने ऊँगली से इशारा किया। बॉन्ड ने उस तरफ देखनी की भरपूर कोशिश की। वो काले जंगल की सीमा थी , जहाँ से काला जंगल शुरू होता था। बॉन्ड की आँखें सिकुड़ गईं क्योंकि उन आँखों ने देख लिया था काले जंगल के छोर पर खड़े उस चोगाधारि शख्स को जिसने अपने दोनों हाथ कमर पर रख रखे थे और सीना चौड़ा कर के काले जंगल को देख रहा था, मानो पूरे जंगल का जायज़ा ले रहा हो।

“कहीं ये वही तो नही जिसने अब्दुल को बुलाया था।” बॉन्ड वापस जेम्स की ओर पलटा। “क्या कहता है। आक्रमण करें!”

“नही रुक कुछ देर। मुझे देखना है ये क्या करने वाला है।” जेम्स ने उस शख्स को ग़ौर से देखते हुए कहा।

जेम्स-बॉन्ड को उस शख्स के इस हरकत की कतई उम्मीद नही थी। वह शख्स उनकी आँखों के सामने काले जंगल में घुसता चला गया था।

“अबे उसने तो ऑक्सीजन मास्क भी नही लगा रखा था!”  बॉन्ड आश्चर्यचकित चकित हो गया।

“कहीं कोई आम इंसान तो नही था जो भूले से इस ओर चला आया। अगर ऐसा है तो हमे फौरन उसे बचाना होगा वर्ना उस जंगल से उसकी लाश भी बाहर नही आएगी।” जेम्स दौड़ पड़ा जंगल की ओर। बॉन्ड भी उसके पीछे था। दोनों ने अपने ऑक्सीजन मास्क लगा लिए थे। देखते-ही-देखते दोनों जंगल में प्रवेश करते चले गए। जंगल के अंदर पहुंचकर वे ठिठक कर रुक गए। बाहरी जंगल में अब भी बहुत उजाला था परन्तु यहाँ, काले जंगल में तो घोर अन्धकार था । एक अजीब सी,हल्की और भयानक रौशनी थी जो सूरज की रौशनी तो बिल्कुल भी नही लग रही थी। अचानक जेम्स-बॉन्ड चकराने से लगे , जेम्स फौरन ही सम्भल गया परन्तु बॉन्ड अब भी चकरा रहा था। जेम्स ने उसे सम्भाला। “मुझे बड़े अजीब-अजीब से ख्यालात आ रहे हैं। जैसे की मैं अब कभी सवेरा नही देख पाउँगा।”  बॉन्ड बोला।

“ अपने सोच पर काबू करने की कोशिश कर। अपने मष्तिष्क पर काबू कर। शुरू में मुझे भी ऐसे ही ख्यालात आए थे। मैंने अपने मष्तिष्क पर काबू कर लिया और अब ये ख्याल मुझे नही आ रहे। हाँ पर यहाँ का वातावरण अजीबो गरीब और डरावना है।”   जेम्स इधर-उधर देखता हुआ बोला।

कुछ ही देर में बॉन्ड पूरी तरह सम्भल चुका था। “आह । बड़ी मुश्किल से मैं अपने मष्तिष्क पर काबू कर पाया।”  बॉन्ड बोला।

“बोलता था मैडिटेशन किया कर। पर वो बन्दा कहाँ गया?”  जेम्स चारों ओर नज़रें दौड़ाने लगा परन्तु सिवाए अन्धकार के उसे कुछ नही दिखा।

“क्या मैं आवाज़ लगाऊं।” बॉन्ड बोला।

“नही ऐसी गलती भी मत करना।”  जेम्स ने उसे रोक दिया।

दोनों वहीं खड़े-खड़े कुछ सोचने लगे।

जेम्स बोला। “पता है जब कोई व्यक्ति किसी अनजान स्थान पर पहुंचता है, ऐसी जगह जो उसने पहले कभी न देखी हो तो वह परेशान हो जाता है की अब कहाँ जाए”

“और ऐसी स्थिति में वह व्यक्ति वापस चल देता है ।”  बॉन्ड ने जेम्स की बात पूरी की।

“सही कहा तूने। परन्तु कुछ अत्यंत उत्सुक किस्म के व्यक्ति भी होते हैं जो वापस नही जाते बल्कि उस ओर चल देते हैं जिस ओर वे आकर्षित होते हैं। हमने इस जंगल में आते वक़्त उस व्यक्ति को बाहर तो जाते देखा नही। इसका मतलब वो आगे गया है।”   जेम्स जंगल की गहराई में देखता हुआ बोला।

“पर यह कैसे सम्भव है? उस शख्स को भी तो वही ख्याल आए होंगे जैसे हमे आए थे। और मान लो न भी आए तो ऑक्सीजन न होने की वजह से तो उसे वापस भागना ही था।”  बॉन्ड बोला।

“ये सवाल तूने सही किया। ज़रा याद कर जब प्रोफेसर और अब्दुल इस जंगल में आए थे तो उन्हें बुरे ख्यालात सिर्फ इतने आए थे जिसपर उन्होंने तुरन्त काबू कर लिया था। हो सकता है इस जंगल में आने वाले किसी-किसी व्यक्ति पर बुरे ख्यालात हावी होतें हों। और रहा ऑक्सीजन का सवाल तो यह देख।”  जेम्स ने अपना ऑक्सीजन मास्क उतार दिया । बॉन्ड एक पल को डर गया लेकिन जेम्स को फिर सही सलामत खड़ा देखकर वो समझ गया की ..“जंगल के शुरुआत में थोड़ा बहुत ऑक्सीजन है। पूरा नही मगर थोड़ा बहुत है।” जेम्स ने कहा। बॉन्ड ने भी अपना मास्क उतार दिया। उसे भी लगा की वह सांस ले सकता है। “हाँ तू सही कह रहा है जेम्स। लेकिन वह शख्स गया कहाँ?”

“उस तरफ।”  जेम्स ने एक ओर इशारा किया । वहाँ  पेड़ कम थे तथा एक लाइन से लगे हुए थे। उस दिशा के अलावा बाकी हर दिशा में घने और बड़े-बड़े पेड़ थे। “वह व्यक्ति उधर गया है। क्योंकि उधर पेड़ भी थोड़े कम हैं और रौशनी थोड़ी ज़्यादा।”

जेम्स-बॉन्ड बिना एक शब्द बोले उस ओर बढ़ गए। वे उन पेड़ों के बीच पहुँचे जो एक लाइन से अगल बगल लगे हुए थे। वे पेड़ बिल्कुल खामोश थे , न ही पत्ते हिल रहे थे न ही कहीं कोई टहनी चटख रही थी। अजीब खामोशी भरा वातावरण था। उन्ही पेड़ों से कुछ दूरी पर एक पेड़ अकेला खड़ा था , ग़ौर से देखने पर वो पेड़ किसी मानवाकृति जैसा लग रहा था , ऐसा लग रहा था जैसे कोई विशालकाय इंसान खड़ा है जिसके पत्ते और शाखाएं उगी हुई हैं।

“एक चिड़िया भी नज़र नही आ रही।”  बॉन्ड बोला।

“समझ में नही आ रहा कहाँ चला गया वह व्यक्ति…”  अचानक जेम्स के वाक्य ठहर गए । उसने कुछ देख लिया था। “ए कौन हो तुम? रुक जाओ।”  जेम्स फौरन उस पेड़ की ओर दौड़ लिया जो सभी पेड़ों से अलग खड़ा किसी मानवाकृति जैसा लग रहा था। उस पेड़ के पीछे से वही चोगाधारि शख्स निकल कर एक ओर भागा। जेम्स पूरी स्पीड से उधर दौड़ा, बॉन्ड को तो कुछ समझ में नही आ रहा था। वो बस बेतहाशा जेम्स के पीछे दौड़ रहा था। जब वे मानवाकृति नुमा पेड़ के पास से हो कर गुज़रे तो वे बेचारे ये दृश्य नही देख पाए की उस पेड़ ने अपनी लाल एवं सुर्ख आँखें एक झटके से खोल दी थीं। जब तक जेम्स बॉन्ड वहां पहुँचे। चोगाधारक हवा की तरह गायब हो चुका था। “अब मुझे लग रहा है की वह गलती से नही आया इस जंगल में।”  बॉन्ड ने कहा।

“हाँ सही कह रहा है तू” जेम्स ने हाँ में हाँ मिलाई।

दोनों कुछ क्षण उसी स्थान पर इधर उधर घूमे फिर एक दूसरे को आँखों ही आँखों में इशारा कर के सीधी दिशा में बढ़ गए। अब जंगल फिर से गहरा हो गया था। “मैं तो कहता हूँ अब हमे और अंदर नही जाना चाहिए।” बॉन्ड थोड़ा हड़बड़ाता हुआ बोला।

“एक मिनट । मुझे लगा जैसे अभी अभी हमे किसी ने देखा।”  जेम्स बोला।

“ह हाँ हाँ मुझे भी लग रहा है की हमे कोई ऊपर से देख रहा है।”  एक झटके से अपना सर ऊपर किया बॉन्ड ने। वहां कुछ नही था पेड़ों की लटकती टहनियों के अलावा। अचानक दोनों के पीछे हवा सी सरसराई , जेम्स-बॉन्ड एक झटके से पीछे पलटे। “ऐसा लगा जैसे कोई हवा गुज़री है हमारे पीछे से।”  बॉन्ड बोला।

“हवा नही। ये वही था।” जेम्स बोला। “चौकन्ने रहना।”

दोनों एक दुसरे की पीठ से पीठ सटाकर गोल चक्कर काटने लगे । दो तीन चक्कर लगाने के बाद वे रुक गए और कान खड़े कर के कुछ सुनने की भरपूर कोशिश कर ने लगे। बॉन्ड के कान में एक बार फिर उसके पीछे सरसराहट की आवाज़ गूंजी। वह तुरन्त पलटा। परन्तु इस बार भी पीछे कुछ नही। बॉन्ड जैसे ही वापस मुड़ा । पीछे से उसके दोनों पैरों के घुटनों पर एक के बाद एक ज़बरदस्त किक्स पड़ीं। और बॉन्ड लहरा कर धरती पर गिर पड़ा। उसके मुंह से कराह निकल गई। जेम्स हक्का बक्का सा उसकी तरफ पलटा। “क्या हुआ तुझे बॉन्ड!”  उसने बॉन्ड को उठाने की कोशिश। बॉन्ड के मुंह से फिर आह निकली। उसकी पूरी पीठ और बाज़ुओं में छोटे-छोटे काँटे धँसे हुए थे। “जेम्स इस जंगल में घास की जगह काँटे उगे हुए हैं। हमारे जूतों की वजह से हमे पता नही चल रहा था।” बॉन्ड की बातें सुनते जेम्स की ठीक नाक को छूती हुई कोई चीज़ तेज़ी से निकली । जेम्स ने एक झटके से अपनी मुंडी पीछे की। “क्या हुआ?” बॉन्ड हैरान हो कर बोला। जेम्स अपनी नाक सहलाता हुआ बोला “धातु की कोई चीज़ मेरी नाक को छूती हुई गुज़री। आह! उसकी गति इतनी तेज़ थी की मेरी नाक जल गई।”  कहकर जेम्स फिर से बॉन्ड को उठाने लगा। अभी बॉन्ड उठकर लगभग बैठा ही था की तभी जेम्स ने हवा में दो-तीन सरसराहटें सुनी और अगले ही क्षण बॉन्ड को एक ज़ोर धक्का दे दिया उसने और खुद भी एक ओर कूद गया । बॉन्ड दूर जा गिरा । जेम्स ने उधर देखा जहाँ वे सरसराती हुई चीज़ें गई थीं। उसे कुछ दूर पेड़ पर दिखी वो चीज़। जेम्स खुद में बड़बड़ाया “ शुरिकेन नाइफ!।” इसके बाद वो तुरन्त बॉन्ड की ओर लपका। बॉन्ड को उसने तुरन्त उठाया। “क्या चीज़ थी वो?” बॉन्ड ने पूछा। “शुरिकेन नाइफ। हम किसी ऐसे वैसे का पीछा नही कर रहे हैं । वह कोई ट्रेंड निंजा है, और कुछ निंजास को ऐसी टेक्नीक्स पता होती हैं जिससे वे घण्टों अपनी साँसे रोके रख सकते हैं।”  जेम्स ने कहा।

“ओह इसलिए वो बिना ऑक्सीजन के जंगल में घूम रहा है।”  बॉन्ड ने मुंह गोल करते हुए कहा।

“बातें मत कर और सावधान हो जा।”  जेम्स उठकर फौरन इधर-उधर घूमने लगा। वह एकदम सतर्क था। बॉन्ड के शरीर में पीड़ा हो रही थी, उसकी पीठ में जगह-जगह छोटे-छोटे काँटे धँसे हुए थे। लेकिन फिर भी वो पूरी कोशिश कर रहा था एकाग्रचित होने की। अचानक फिर हवा में सरसराए शुरिकेन नाइफ । इस बार जेम्स तथा बॉन्ड दोनों सतर्क थे वे इधर-उधर कूदे शुरिकेन से बचने के लिए। जंगल की हल्की रौशनी में शुरिकेन नाइफ बिलकुल भी नज़र नही आ रहे थे और उन्हें चलाने वाला भी। सिर्फ सरसराहट की आवाज़ सुनकर ही जेम्स-बॉन्ड खुद को बचा पा रहे थे। दोनों पूरी ताकत लगाकर अलग-अलग दिशाओं में कूदे थे इसलिए वे ज़मीन पर खड़े होने के बजाए फ्लैट हो गए। इस बार जेम्स को भी काँटे लगे। जेम्स को भयानक पीड़ा का अहसास हुआ। अचानक उसे बॉन्ड की आवाज़ सुनाई दी , सैंकड़ों काँटे धँस जाने की वजह से जेम्स विचलित हो गया था उसे बॉन्ड की आवाज़ किसी गहरे कुंवे से आती लगी। बॉन्ड चिल्लाकर जेम्स को बचने को कह रहा था पर किससे? बॉन्ड उसे उसकी जगह से फौरन हट जाने को कह रहा था । पर क्यों?  इससे पहले की जेम्स कुछ समझता .. बहुत देर हो चुकी थी। चोगाधारक उसके सीने पर सवार था । जेम्स सकपका गया और चोगाधारक का एक-के-बाद-एक प्रचण्ड घूँसा उसके चेहरे पर पड़ने लगा, उन घूँसों में बिजली से भी तेज़ रफ़्तार थी । धड़ाधड़-धड़ाधड़ घूँसे पड़ते ही जा रहे थे जेम्स को। पर अजीब बात ये थी की जेम्स बचने की ज़रा भी कोशिश नही कर रहा था। वो बस पड़े-पड़े पिट रहा था।

दूसरी ओर बॉन्ड ने बड़ी मुश्किल से खुद को खड़ा किया । और कुछ ढूँढने लगा, कुछ न मिलने पर उसने एक पेड़ की मोटी डाल तोड़ ली । उस डाल को थामे हुए वह जेम्स के सीने पर सवार चोगाधारक के पीछे लपका। शरीर में जितना बल था सारा लगाकर उसने प्रहार किया। एक ज़ोरदार फटाक की आवाज़ हुई डाल उस चोगाधारक की पीठ पर पड़ी और टूट गई साथ ही चोगाधारक हवा में उछल कर दूर जा गिरा और कई कलाबाजियां खाकर रुका। इतनी कलाबाजियां खाने के बाद उसका चोगा सरक कर उतर गया। और नज़र आई ….. एक लड़की! जिसने नीले रंग की निंजा पोशाक पहन रखी थी तथा पीठ पर कटाना तलवार टाँगे हुए थी। उसकी आँखें गहरी नीली थीं ,  सर के सिर्फ आधे गहरे काले बाल ही दिख रहे थे क्योंकि उसने हुड चढ़ा रखा था । उसने निंजा मास्क लगा रखा था इसलिए सिर्फ उसकी आँखें ही दिख रही थीं और आधी नाक। बॉन्ड उसे देखकर हक्का बक्का रह गया, जेम्स तब तक उठकर खड़ा हुआ वह लड़की भी उठकर खड़ी हो चुकी। बॉन्ड, जेम्स की ओर पलटा। “तुझे क्या हो गया था? चुपचाप पिट क्यों रहा था?” बॉन्ड ने हैरानी भरी आवाज़ में पूछा। परन्तु बॉन्ड का उत्तर देने के बजाए जेम्स उस लड़की की ओर ही देखे जा रहा था। जेम्स का मुंह ऐसे खुला हुआ था जैसे किसी छोटे बच्चे का चॉकलेट देख लेने के बाद खुलता है, उसकी आँखें बिना पलकें झपकाएं उसे देखे जा रही थीं। अगले ही पल उस लड़की ने कटाना निकाल ली और जेम्स-बॉन्ड की ओर बढ़ने लगी। बॉन्ड ने देखा की जेम्स बचने की कोई भी कोशिश नही कर रहा तो उसने जेम्स को एक पेड़ के पीछे धक्का दे दिया। अब तक लड़की बॉन्ड के करीब गई, उसने तेज़ी से कटाना चलाई पर बॉन्ड ऐन समय पर अपने स्थान से हट गया। कटाना एक पेड़ में जा धँसी । लड़की ने ताकत लगा कर तलवार को खींचा। और फिर बॉन्ड की ओर पलटी, अपने सामने बॉन्ड को न पा कर वो सकपका गई। बॉन्ड कहीं छुप गया था। लड़की दबे कदमों से आगे बढ़ने लगी। उसकी नज़रें बाज़ की तरह इधर-उधर घूम रही थीं। तभी उस लड़की के कानो में अपने पीछे सरसराहट की आवाज़ पड़ी। वो कटाना लहराता हुई पलटी, सामने जेम्स चला आ रहा था मजनुओं वाली मस्तानी चाल में। अपनी कटाना को दो-तीन बार हवा में घुमाया निंजा गर्ल ने और फिर सीधा पकड़ कर जेम्स की ओर बढ़ने लगी। जेम्स तो जैसे होश में ही नही था उसे खबर ही नही थी की वो अपनी मौत की ओर बढ़ रहा है। बेख़ौफ़ सा चलता चला आ रहा था वह उस लड़की की तरफ। जेम्स और उसकी मौत के बीच दो कदम का फासला था बस। लेकिन तभी जेम्स के सीने से द्रुत गति से आकर टकराया वो बैग और जेम्स छटक कर पीछे जा गिरा । लड़की चौंक गई, इससे पहले की वो पीछे पलटती एक सधी हुई किक उसके उस हाथ में पड़ी जिसमे उसने कटाना थाम रखी थी। उसके हाथ से कटाना छूट गई और कुछ दूर जा गिरी। किक मारने वाला बॉन्ड था , बॉन्ड अचानक से उस निंजा लड़की के सामने आया और उसकी एक कलाई पकड़ कर उसके पेट में ज़ोरदार किक मार दी । किक बहुत ही तेज़ लगी थी, लड़की उछल कर नीचे बैठ गई। बॉन्ड ने उसे उठने का मौक़ा दिया , जैसे ही वह खड़ी हुई बॉन्ड का तीव्र घूँसा एक बार फिर उसके पेट में पड़ा तत्काल ही बॉन्ड ने घूम कर एक ज़बरदस्त किक उसके कन्धे पर मारी , लड़की छटक कर नीचे जा गिरी उसके शरीर में जगह-जगह काँटे धँस गए। बॉन्ड उसके करीब पहुँचा, वह मुंह के बल पड़ी हुई थी। “माफ़ करना। मुझे अच्छा नही लग रहा की मैं एक लड़की पर हाथ उठा रहा हूँ। पर तुम एक खतरनाक फाइटर हो इसलिए तुम पर काबू इसी तरह पाया जा सकता है, शुक्र करो मैंने तुम्हारे चेहरे पर नही मारा है वर्ना तुम्हारा खूबसूरत चेहरा बिगड़ जाता..आआsss”  जेम्स कुछ ज़्यादा ही उत्साहित हो गया था इसलिए उसे लड़की की वह किक नही दिखी जो उसने लेटे-लेटे ही बॉन्ड के पैरों पर कस कर मारी थी। अब दृश्य उलटा हो गया। बॉन्ड नीचे पड़ा हुआ था और निंजा गर्ल उसके सामने खड़ी थी। उसकी आँखों में क्रोध की ज्वाला नज़र आ रही थी , चेहरा पूरा गुस्से के कारण भिंचा हुआ था। अचंभित बॉन्ड ने खुद को सम्भाला और एक किक-अप लेकर खड़ा हो गया। लड़की की मुट्ठियाँ भिंची हुई थीं। बॉन्ड ने भी अपनी मुट्ठियाँ भींच ली। दोनों एक दूसरे के इर्द-गिर्द चक्कर काटने लगे। पहला वार बॉन्ड ने ही किया, उसने मौक़ा देखते ही पूरी फुर्ती से एक राउंड किक मारी। परन्तु उसकी किक लड़की को लगी नही क्योंकि बॉन्ड से भी तेज़ी और फुर्ती से उस लड़की ने अपने पैर से बॉन्ड की किक को रोक लिया, इस अप्रत्याशित वार से बॉन्ड लड़खड़ा गया। कुछ पल को हकबका गया बॉन्ड , लेकिन अगले ही क्षण फिर हमले की तैयारी करने लगा। निंजा गर्ल बड़े ही इत्मीनान से बॉन्ड के अगल-बगल घूमती रही थी , उसने एक भी वार करने की कोशिश नही की। शायद वो चाह रही थी की बॉन्ड पहले वार करे, और बॉन्ड ने ऐसा ही किया। इस बार उसने किक मारने का रिस्क न लेते हुए डायरेक्ट ज़ोरदार पंच हिट किया परन्तु अगले ही पल वो कराह उठा। उस लड़की ने बॉन्ड के पंच को ही पंच मार दिया था। बॉन्ड दूसरे हाथ से उस हाथ को पकड़ कर सहलाने लगा। “शिट्ट! अब मैं समझ गया ये मुझे खुद पर वार क्यों करने दे रही है। ये मेरे वार करने की प्रणाली,स्थिति और गति का अवलोकन कर रही है और मेरे पर ही वार कर दे रही है। समझ गया, अब दूसरा तरीका इस्तेमाल करना होगा।” बॉन्ड अचानक से उठा और उसने बड़ी ही तेज़ी से एक किक हिट की परन्तु ऐन समय पर उसने किक वापस कर ली तथा लड़की के चेहरे पर ज़ोरदार पंच हिट किया। बॉन्ड ने तरकीब तो अच्छी निकाली थी उस लड़की को कन्फ्यूज़ करने की पर अफ़सोस लड़की ने यह वार भी बड़े आराम से रोक लिया। निंजा कोई ऐसे ही नही बन जाता है । इस बार का वार बचाते ही लड़की ने बड़ी फुर्ती से वार कर दिया । उसने कूद कर बॉन्ड के सीने पर एक किक मारी । पहले से ही हकबकाया हुआ बॉन्ड खुद को सम्भाल न सका और नीचे गिर गया। एक बार फिर उसके शरीर में कई सारे काँटे धँस गए। तीन-तीन बार काँटे लगने के कारण बॉन्ड बेहाल होने लगा। उसे होश सम्भालना मुश्किल लग रहा था। उसने उठने की कोशिश की लेकिन तभी उसकी सीने पर किसी ने अपना पैर रखा दिया तथा कसकर धक्का दिया, बॉन्ड की पीठ एक बार फिर काँटों में जा धँसी। बॉन्ड ने देखा अपनी मौत को जो इस वक़्त उस के सीने पर पाँव धरे हाथ में कटाना लिए खड़ी थी। बॉन्ड के शरीर से जैसे ताकत ही खत्म हो गई, वो चाह कर भी उसे अपने से दूर नही हटा पा रहा था। निंजा गर्ल ने कटाना ऊपर उठाई और एक झटके से बॉन्ड पर वार कर दिया उसने …..

*****

उसकी आँखें बहुत ही धीरे-धीरे खुल रही थीं , उसके चेहरे पर ठण्डी हवाएं पड़ रही थीं जो उसे सुकून का अहसास दे रही थीं। हल्के-हल्के धुंधलके में उसने देखा दूर … बहुत दूर सूरज डूब रहा था । अचानक उसे लगा जैसे उसके आस पास के दृश्य भाग रहे हैं। उसने खुद से ही मगर थोड़ी तेज़ आवाज़ में सवाल किया। “क्या मैं स्वर्ग में हूँ?”

तत्काल ही उसे किसी का ख़ुशी से भरा जवाब मिला। “हाँ। और इस स्वर्ग का नाम है मोहन नगर।”

ये आवाज़ तो जेम्स की थी। बॉन्ड ने फौरन इस आवाज़ को पहचान लिया। अब उसे सब कुछ लगभग साफ़-साफ़ दिखने भी लगा था। वे दोनों बाइक पर थे । जेम्स बाइक चला रहा था और उसने बॉन्ड को अपनी पीठ से किसी रस्सी से बाँध रखा था ताकि बॉन्ड गिर न जाए। “क्या हुआ था मुझे?”  बॉन्ड ने पूछा।

“जब मैं तेरे पास पहुँचा तो तेरा ऑक्सीजन सिलेंडर फटा पड़ा था और तू बुरी तरीके से ऐंठ रहा था। तेरी आँखें भी बन्द थीं। मैं डर गया था की कहीं तुझे कुछ हो न जाए इसलिए बाइक पर लेकर तुझे सीधा अस्पताल की ओर भाग रहा था। पर अब तू सही है इसलिए बाइक घर की ओर जाने वाले रास्ते पर मोड़ रहा हूँ मैं। फूsss।”  जेम्स ने तत्काल ही बाइक दूसरी ओर मोड़ ली। “घर पर फर्स्ट ऐड का डब्बा है। तेरी मरहम पट्टी कर दूंगा चलकर।” कहकर जेम्स ने बाइक की स्पीड दुगनी कर दी। बाइक बहुत तेज़ भागती हुई काफी दूर निकल आई।

“ उसने मेरे ऑक्सीजन सिलेंडर पर कटाना क्यों चलाई। चाहती तो मेरा गला भी काट सकती थी।”  बॉन्ड ने कुछ सोचते हुए कहा।

“हुम्म …… इसका एक ही कारण हो सकता है। जब भी कोई निंजा अपनी ट्रेनिंग पूरी कर के कटाना थामता है तो वह ये शपथ लेता है की अपनी कटाना को कभी किसी निर्दोष के खून से नही रंगेगा। शायद यही कारण था की उसने तुझे दूसरे तरीके से मारने की सोची।” बॉन्ड को साइड व्यू मिरर में देखता हुआ बोला जेम्स।

कुछ क्षण चुप रहने के बाद बॉन्ड बोला “लेकिन कुछ बुरे किस्म के निंजास भी होते हैं जो ऐसी किसी शपथ की परवाह नही करते हैं। उनकी कटाना किसी को भी काटते वक़्त यह नही देखती की सामने दोषी है या निर्दोष।”

“तो इसका मतलब यही हुआ न की वो निंजा लड़की बुरी नही थी।”  जेम्स झट से बोला।

“लेकिन सवाल फिर वही है। अगर वह बुरी नही थी तो उसने मुझे मारने की कोशिश ही क्यों की।”  बॉन्ड ने अपना माथा खुजलाया।

“अब यह तो वक़्त ही बता सकता है की वह कौन थी।”  वह कौन थी शब्द बड़े ही सुरीले स्वर में बोला जेम्स और कहीं खो गया। फिर बॉन्ड के तीसरे सवाल पर वह वापस वर्तमान में आया।

“लेकिन तुझे क्या हो गया था जेम्स? जब वह तेरे सीने पर स्वर हो कर तुझे पीटे जा रही थी तो तूने बचने की ज़रा भी कोशिश नही की।”

जेम्स चुपचाप बाइक चलाता रहा ऐसे जैसे उसने बॉन्ड को सुना ही नही। बॉन्ड ने साइड व्यू मिरर में जेम्स का चेहरा देखा। उसका चेहरा एकदम सपाट था।

“मैंने कुछ पूछा है।”  बॉन्ड इस बार थोड़े तीव्र स्वर में बोला।

दो सेकेण्ड के इंतज़ार के बाद उसे जेम्स का जवाब सुनाई दिया। “क्योंकि मैं ……. अह, उसकी आँखों में खो गया था।”

बॉन्ड का मुंह तत्काल ही गोल और आँखें कटोरा हो गईं। “छी छी।”

“मुझे पता था तू यही कहेगा इसलिए नही बोल रहा था।” जेम्स ने बुरा सा मुंह बनाया।

“मतलब , हद है यार । डूबने के लिए उसी लड़की की आँख मिली थी! आजतक तो किसी लड़की को गौर से देखा भी नही जनाब ने और आज उस लड़की की आँखों में डूबे पड़े थे जो इन्हें परलोक पहुंचाने वाली थी।”

“आज तक उस जैसी देखी भी तो नही मैंने।” जेम्स मदहोश स्वर में बोला। “हाय। क्या आँखें थीं। अगर आँखें इतनी खूबसूरत थीं तो चेहरा ..”

“बस, बस कर । मुझे यह सब पसन्द नही।”  बॉन्ड गुर्राया।

“हा हा। तेरी भाभी ने तुझे पहली ही मुलाक़ात में बजा डाला छोटे ।”  जेम्स ठहाके लगाता हुआ बोला।

“घण्टा भाभी! मुझे तो सिर्फ बजाया था उसने पर तुझे बजने लायक भी न छोड़ती। अगर मैंने ऐन वक़्त पर वह बैग चला कर न मारा होता तुझे तो तू अभी यहाँ न होता।”  बॉन्ड ने जीभ निकाल कर चिढ़ाते हुए कहा।।

“अबे हाँ। बैग से याद आया। क्या भर कर फेंका था तूने उस बैग में। बहुत ज़ोर की लगी थी, मैं चकरा गया था और जब तक मैं सम्भल कर उठा तुम दोनों लड़ते हुए न जाने किधर चले गए थे। काफी इधर उधर ढूँढने के बाद तुम मुझे धरती पर पड़े ऐंठते हुए मिले।”  जेम्स ने कहा।

“उस बैग में मैंने पत्थर भर कर तुझे मारा था।”  बॉन्ड आँख मारता हुआ बोला।

इस बार जेम्स का मुंह गोल और आँखें कटोरा हो गईं। “अबे मतलब क्या है? मारना चाहता था मुझे, अपने से एक घण्टा बड़े भाई को?”

“अगर मारना होता तो मैं तेरी ओर बैग नही फेंकता ।” बॉन्ड ने चिढ़ाते हुए कहा “और वैसे भी उस बैग में मैंने छोटे-छोटे पत्थर भर रखे थे जिससे तू मरता तो कतई नही । और कुछ मिला ही नही इसलिए ये आईडिया काम आया। खाली बैग फेंकता तो वह तुझे धकेल नही पाता।”

“गुर्र। अगली बार ऐसा कुछ करने से पहले बता दियो।”  जेम्स ने कहा।

बॉन्ड ने आँखे तिरछी की और बोला “हाँ, बशर्ते तुम होश में रहो उस वक़्त।”

“न न मुन्ना । वो तो उस किलर गर्ल ने मेरे दिल को सम्भालने वाला एक-एक पिलर हिला डाला था वर्ना मैं पूरी तरह होश में रहता।”  जेम्स मुस्कुराता हुआ बोला “अगली बार ऐसा नही होगा। बशर्ते वह लड़की मेरे सामने न आए।”

“मैं दुआ करूंगा की वह न आए।” बॉन्ड फिर नज़रें तिरछी कर के बोला।

“वो आएगी …. वो ज़रूर आएगी।”  दूर किसी अदृश्य चीज़ को देखता हुआ बोला जेम्स और बाइक की स्पीड फिर से बढ़ा दी उसने।

******

जेम्स-बॉन्ड घर पहुँच गए। आते ही बाइक को अपने स्थान पर खड़ा कर के जेम्स अंदर भागा उसके पीछे बॉन्ड भी था। वह दोनों डायरेक्ट बेसमेंट की ओर बढ़ गए।

“अरे कहाँ थे तुम दोनों? और अब कहाँ जा रहे हो ?”  किचन में से जेम्स की मॉम चिल्लाईं। पर वे दोनों तबतक बेसमेंट में उतर चुके थे।

एक कमरे से जेम्स के पिता और बॉन्ड के पिता की आवाज़ें आ रही थीं। वे आपस में कुछ बातें कर रहे थें।

बॉन्ड की मॉम ने किचन में दाखिल होते ही जेम्स की मॉम से कहा। ये दोनों भी अपने-अपने पिता जैसे हैं। वह लोग भी दिन रात एक दूसरे के साथ लगे रहते हैं और यह दोनों भी। बॉन्ड की मॉम की बात पर जेम्स की मॉम मुस्करा दी।

जेम्स और बॉन्ड दोनों चचेरे भाई हैं। जेम्स के पिता बॉन्ड के पिता से बड़े हैं, परन्तु सिर्फ उतने ही जितना जेम्स, बॉन्ड से बड़ा है। फर्क यह है की दोनों के पिता एक ही माँ के पेट से जन्मे थे पर जेम्स-बॉन्ड अलग अलग माँओं से। परन्तु दोनों में प्यार इतना ज़्यादा है जैसा सगे भाइयों में भी देखने को न मिलता होगा । दोनों भाइयों ने साथ जीने और साथ मरने का फैसला बचपन में ही कर लिया था।

नोट :- जेम्स-बॉन्ड की ओरिजिन जल्द ही जानने को मिलेगी आपको उनकी ओरिजिन कथा में। जिसमे आप उनका असली नाम भी जान सकेंगे।

जेम्स सीधा अपने कंप्यूटर के पास जा बैठा । उसने कंप्यूटर ऑन किया और फिर उसी फ़ोटो को ओपन कर के बैठ गया। जब बॉन्ड एक कोने में खड़ा अपनी जेब से कुछ निकाल रहा था।

“समझ में नही आता इसे कैसे ट्रांसलेट करूँ।”  जेम्स अपने माथे पर सर रख कर बैठ गया।

तभी किसी ने उसका हाथ उसके माथे से हटाया और उसकी आँखों पर एक चश्मा लगा दिया।

“बॉन्ड! यह क्या है?” जेम्स ने पूछा।

“प्रोफेसर का वही चश्मा। जब मैं प्रोफेसर को रस्सियों से आज़ाद कर रहा था तब मैंने चुपके से उनकी जेब से यह निकाल लिया था।”  बॉन्ड बोला।

जेम्स खुश हो गया। “वाह मेरे भाई। तू तो पक्का पॉकेटमार पैदा हो रहा था।”

बॉन्ड बिदक गया।

“अबे मज़ाक कर रहा था। यह ले।”  जेम्स ने पाँच का सिक्का बॉन्ड की ओर उछाल दिया। बॉन्ड ने उसे तुरन्त लपक लिया।

“हम ये बचपन से करते चले आ रहे हैं। मुझे आज बाद भी याद है। तू बचपन में भी मुझे पाँच रुपए देता था … और फिर मैं वो पाँच रुपए छोटी को दे देता था, हा हा ।”  बॉन्ड पुरानी यादों से बाहर निकला।

“और तू अब भी ऐसा ही करता है। हा हा हा। यह ले।”  जेम्स ने फिर कुछ उछाला बॉन्ड ने उसे भी लपक लिया।

थैंक यू बड़े भाई। जल्द ही बहन से मिलकर आता हूँ। जेम्स की बाइक की चाबी उँगलियों में नचाता हुआ बॉन्ड बाहर की ओर बढ़ गया।

“हमारा बचपन तो अब भी वहीँ हैं। बचपन कहीं नही जाता।”  मुस्कराता हुआ जेम्स खुद में बड़बड़ाया और चश्मा पहन कर कंप्यूटर स्क्रीन की ओर नज़रें गड़ा कर बैठ गया। थोड़ी ही देर में उसके माथे पर परेशानी के भाव उभरे । उसने चश्मा उतारा “क्या यह वही चश्मा है? इसे पहन कर भी कोई फायदा नज़र नही आ रहा । जेम्स ने उसे चारों तरफ से चेक किया और उसे उस चश्मे में एक बहुत ही छोटा सा बटन दिखा । “ओह तो यह बात है?”  बटन दबा कर उसने चश्मा दुबारा पहन लिया। अब उसकी कंप्यूटर स्क्रीन पर नज़रें जमाई हुए खामोशी ये बता रही थी कि काम हो गया है।

दूसरी ओर बॉन्ड ने अपनी बहन के घर के ठीक सामने बाइक रोकी। वह बड़ा खुश हो कर बाइक से उतरा, दरवाज़े की ओर बढ़ा और जाकर खटखटाने लगा। कुछ ही क्षणों बाद दरवाजा खुलने की आवाज़ हुई। किसी ने दरवाज़ा खोला । दरवाज़ा जिसने खोला था वो जैसे ही बॉन्ड के सामने आया , बॉन्ड का मुस्कराता चेहरा क्रोध से भर गया । आँखों में शोले दहक उठे । बॉन्ड बड़ी तेज़ी से वापस पलटा और जा कर बाइक स्टार्ट करने लगा।

इधर जेम्स अब तक उस पेज को पूरा पढ़ चुका था। अब जेम्स के चेहरे पर न जाने क्यों डर के भाव दिख रहे थे । उसका दिल धाड़-धाड़ कर रहा था। पसीने में तर बतर जेम्स की स्थिति बता रही थी की उसने कुछ ऐसा पढ़ लिया था जो शायद उसे नही पढ़ना चाहिए था। आखिर ऐसा क्या था उस पेज पर? आखिर कौनसी काली पहेली हल कर ली थी उसने?

जेम्स कंप्यूटर को बिना शटडाउन किए बाहर भागा। उसके चेहरे से पसीने की बूँदें टपक रही थीं। भागता हुआ वह अपने पापा के रूम के बगल से निकला। उसने सुना पापा न्यूज़ देख रहे थे जिसमे न्यूज़ रिपोर्टर कह रहा था “तो जैसा की आप देख रहे हैं इस वक़्त शाम के 7 बजे हमारे सामने का नज़ारा, एक पूरी बीस मंज़िला इमारत अभी-अभी न जाने कैसे ढह गई। स्थानीय लोगों का कहना है के इमारत के ढहने के बाद उन्होंने किसी विशालकाय काले भूत को एक ओर जाते देखा था। पर सच क्या है ये किसी को नही पता। फिलहाल यहाँ काफी भगदड़ का माहौल है। लोग डरे हुए हैं …”

खिड़की के पास खड़े जेम्स ने सुनी वह खबर। “ओह नो। तबाही शुरू भी हो गई। मुझे फौरन बॉन्ड को कॉल करके वापस बुलाना होगा। शिट्ट, इसका फोन ही बिज़ी बता रहा है।”

और तभी जेम्स के कानो में पड़ी वह आवाज़ जिसे सुनकर वह बड़ी फुर्ती से पलटा। टीवी पर एक नकाबपोश शख्स कह रहा था। “प्यारे-प्यारे मोहन नगर वासियों ये जो कुछ भी हो रहा है मेरे इशारे पर हो रहा है। और अभी तो फ़िल्म स्टार्ट हुई है। ज़रा और तबाही देख लो फिर मैं अपनी मांग पेश करूंगा। हा हा हा।”

वह शख्स गायब हो गया और न्यूज़ चैनल पर फिर से वही रिपोर्टर नज़र आने लगा। जेम्स हाथ में फोन नचाता हुआ खुद से बोला। “वह आँखें … उस नकाबपोश की आँखें तो …..हुम्म। मेरा शक सही निकला।”

क्रमश :

सातवां और अंतिम पार्ट जल्द ही😊😊

दोस्तों । प्लीज़ कमेंट करें। बस और कुछ नही ।

Written By- Talha Faran for Comic Haveli

Disclaimer – These stories are written and published only for entertainment. comic haveli and writers had no intent to hurt feeling of any person , community or group. If you find anything which hurt you or should not be posted here please highlight to us so we can review it and take necessary action. comic haveli doesn’t want to violent any copyright and these contents are written and created by writers themselves. The content is as fan made dedications for comic industry. if any name , place or any details matches with anyone then it will be only a coincidence.

Facebook Comments

6 Comments on “THE BLACK DEMON PART-6 : THE BLACK RIDDLE”

  1. Waah , nice

    Wo ninja ladki ka suspense badiya hai,
    James ne computer par kya padh liya jo darr gaya?
    Bond bahan se bina mile kyu laut gaya?,
    Whan kaun tha jiske karan wo upset ho gaya ?

    Kafi saare points hai jo kahani ko rochak bana rahe hain

  2. had ho gyi …yeh vilin bhaisahib abi tak nhi aaye…ab tho story ka end bi aa gya…

    nijaa ladki ko roll dykr bhut bdiyaa kiyaa…. ( hehehe ab m us sy flirt karunga… )

    nija ladki bhut dmdaar lag rhi hu kyunki usny jems aur bond ko dhul chtaa di …nhi mtlb kaanty chuba diye..aur un dono ko vahan sy bhagna pda ( abi yeh haal hy tho aagy kya hoga )

    khaani ky taarif m phly hi bhut kar chuka hu …ab bus is part ki tarif m itna khnaa chahungaa ki ….jaldi sy vilin ki fight karvayo jems bond sy …m bus dhykna chahtha hu ki vo dono kese ladthy hy us sy..
    .

    merw khiyaal sy abi 2 aur paet bn jaayngy …kyunki story m bhut kuch baaki pdaa hy

  3. वाह ,वाह क्या स्टोरी थी भाई,
    Superb, ❤️

    ये पार्ट सभी पार्ट्स से बहुत अच्छा लगा।
    बहुत ही मस्त स्टोरी है ,अब भी काफी सस्पेंस बना हुआ है जैसे – वो लड़की(निंजा फाइटर) कौन थी।
    बांड ने छोटी के घर क्या देखा।
    जेम्स को उस पन्ने में ऐसा क्या मिला जिसके कारण वो इतना बेचैन हो उठा ।

    और कौन है वो नकाबपोश जो सारी खकनी पर्दे के पीछे से रच रहा है,।

    फाइटिंग मूवमेंट बहुत शानदार थे, और अब हमें उस काले जंगल का रहस्य पता चलेगा।
    जल्द ही………

    इंतेज़ार है सातवें और अंतिम पार्ट का ।

    1. बहुत बहुत धन्यवाद मनोज भाई & अमन भाई। नेक्स्ट पार्ट जल्दी दूंगा।

  4. बहुत बढ़िया तल्हा ।
    एक शानदार एक्शन पैक्ड कहानी।
    कहानी जैसे जैसे अपने अंत की तरफ बढ़ रही है सस्पेन्स भी बढ़ता जा रहा है।
    कहानी में दृश्यों का विवरण बहुत ही बढ़िया ढंग से किया है ।
    जिसके पीछे पीछे जेम्स और बांड काले जंगल मे गए थे वो अब्दुल है या प्रोफेसर… इसका जवाब तो अब अगले भाग में ही मिलेगा।
    और सबसे बड़ा सवाल वो निंजा लड़की कौन है जिसने जेम्स और बांड दोनों को ही हरा दिया।
    राक्षसों से रिलेटेड कहानी में निंजा लड़की…..
    बढ़िया सस्पेन्स है।
    जेम्स ने क्या पढ़ लिया था उस कागज में?

    कई सारे ऐसे सवाल हैं जिनके जवाब अगले एवं आखिरी भाग में मिलेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.