Vidroh Part 1

Vidroh

Part – 1

 

आप सभी को पता है कि इधर बीच राज कॉमिक्स ने नागराज, ध्रुव और डोगा को छोड़कर बाकी किरदारों की सोलो कॉमिक्स बनाना बंद कर दिया है। इस बात से आहत सुपरहेरोज़ ने आंदोलन शुरू किया। आइये देखते है उनका आंदोलन क्या मोड़ लेता है।

स्थान : राज कॉमिक्स का ऑफिस |
राज कॉमिक्स ऑफिस के सामने आज बहुत ज्यादा भीड़ थी | उस भीड़ का नेतृत्व कर रहे थे परमाणु , शक्ति, तिरंगा, अन्थोनी, इंस्पेक्टर स्टील, भोकाल, कोबी भेड़िया और साथ में थे उनके लाखो समर्थक |
अनुपम सर : अरे संजय जी देख रहे हैं बाहर का मौहौल| आज लग रहा है की बड़ा बवाल मचेगा |
संजय सर : क्या बताएं अनुपम सर | यही देख कर तो दिमाग पागल हुआ जा रहा|
अनुपम सर : अब क्या बताएं संजय जी मगर इसमें हम सब लोगो की ही गलती है| 
संजय सर : बात तो आप सही कह रहे है अनुपम सर| अब लघभग 5-6 सालो से बेचारो का धंदा मंदा पड़ा हुआ है| इतने सालो में उनकी एक भी सोलो सीरीज नहीं आई | 
अनुपम सर : गुस्सा तो जायज़ है उनका लेकिन अब हम क्या करे ?

ऑफिस के बाहर सारे सुपेर्हेरोएस अपने समर्थको के साथ एंड बड़े जोरशोर से आन्दोलन कर रहे थे|
परमाणु : आज तो इन लोगो की बंद बजा के रहेंगे| बताओ हम लोगो का कितना छेछा लेदर करवा दिया है इन राज कॉमिक्स वालो ने| साला इत्ते साल हो गए एक भी सोलो कॉमिक्स नहीं आई | इत्ती बेज्ज़ती तो कभी भी नहीं हुई है हम लोगो की 
भेड़िया : हाँ भाई लोगो बिलकुल आज न छोड़ेंगे बस हम……..
अन्थोनी ( बीच में टोकते हुए ): तू क्यूँ इतना उछल रहा है बे| तेरी तो तब भी काफी कॉमिक्स आई है इस बीच| इसको किसने बुलाया इस आन्दोलन में | भगाओ ससुर इसको |
स्टील : हाँ बे तू यहाँ क्यूँ आवाज़ फाड़ रहा है ?
तेरंगा : अबे नुझे लग रहा है की कही ये संजय सर का आदमी तो नहीं है |
भेड़िया : ए तू चुप कर न तिरंगे | अपनी साड़ी जासूसी यही दिखा देगा क्या बे ?
शक्ति : सच सच बता भेड़िये| वरना …..
भेड़िया : अबे हद हो गई है | साला घेरने हम लोग संजय सर को आए थे और घेर हमें रहे हो |
भोकाल : अबे तो गलत्क्य है इसमें | बहुत अमर प्रेम किया साले तूने | साला ऐसी भौकाल सीरीज भोकाल को भी नहीं मिली |
भेड़िया ( खीस निपोड़ के ) : अपनी अपनी किस्मत है |
परमाणु : चुप बे अपनी अपनी किस्मत है | अबे भाई लोगो इसकी अमर प्रेम का आर्टवर्क देखा था तुम लोगो ने | अबे बताओ यार साला इसकी कॉमिक्स की चुड़ैल भी हमारे गर्लफ्रेंड से अच्छी लग रही थी | उसी को देखने के कारण कितनी बार शीना ने मुझे दौड़ा दौड़ा कर पीता है |
अन्थोनी : अबे मगर तू तो उड़ लेटा है न| फिर भागने की क्या जरुरत आन पड़ी |
परमाणु : अबे यार शीना मुझे मेरी ड्रेस दे तब न | न जाने कहाँ छुपा कर रख दिया है उसने | कहती है कोई काम धंदा तो बचा नहीं है तो फालतू बार बार ड्रेस को गन्दा करने का क्या मतलब | 
तिरंगा : अरे यार मेरा न्याय स्तम्भ भी पता नहीं कहाँ रख दिया मैंने | मिल ही नहीं रहा है |
स्टील : बताओ | ये है हमारे जासूस महोदय | अपना न्याय स्तम्भ भी नहीं ढूंढ पा रहे है |
तिरंगा : तू बहुत बोल रिया है |
शक्ति : अरे छोड़ो ये सब | अपने लक्ष्य पर फोकस करो सब | 
सब एक साथ : हमारी मांगे पूरी करो ……पूरी करो ……पूरी करो

अनुपम सर : अरे संजय सर कबतक ऐसे ही बैठे रहेंगे | कुछ करिए वरना आज संहार हो जायेगा |
संजय सर : बस यही कारण है | बताओ इतनी टेंशन में भी आपके मूंह से उसू कॉमिक्स का नाम निकला जिसमे खली ध्रुव और नागराज है | बोलने को तो आप कोहराम आ जायेगा , जलजला आ जायेगा भी कह सकते थे मगर निकला क्या ?
अनुपम सर : अब क्या बताएं सर जी 
संजय सर : अब इस स्थिति से बाहर निकलने का एक ही मास्टरप्लान है |
तबतक फेनिल सर की आवाज़ गूंजती है : हमारी कॉमिक्स का नाम किसने लिया |
अनुपम सर : अरे सर जी ये फेनिल शेर्दिर्वाला की अव्वाज़ कहाँ से आ रही है |
संजय सर : पता नहीं | साला ये ऑफिस भूतिया हो गया है | खैर आप उस प्लान पर अमल कीजिये |

सुबह से दोपहर हो गई थी मगर अभी भी भीड़ जस की तस थी | सभी लोग आखें गदा कर राज कॉमिक्स के ऑफिस पर नज़र गडाए हुए थे | थोड़ी ही देर बाद उन लोगो ने देखा की ऑफिस से तीन लोग बाहर आ गए थे | वो तीन लोग थे : नागराज, ध्रुव और डोगा|
सारे सुपेर्हेरोएस ने उन तीनो को देखा और फिर मूंह फेर लिया |

नागराज : क्या बात है यार | ये सब क्या कर रहे हो तुम लोग | अरे यार ये सब करने से क्या फायदा हो जायेगा |
डोगा: और क्या ऐसे धरना करने से क्या फायदा | सीधे बम चलाओ सब बात मान ली जाएगी तुम्हारी |
ध्रुव : अबे पागल हो गया है क्या डोगे| तू पीछे चल |
नागराज : डोगा के कहने का मतलब है की ये धरना बंद करो |
परमाणु : अब ऐसा है तू तो बोलियों न नागराज | बताओ भाइयों यहाँ हम सभी के ओरिग्नल रूपों पर एक भी कॉमिक्स नहीं बन रही है और इनका देखो इनके तीन तीन वर्शन पर कॉमिक्स आ रही है | अबे कुछ तो शर्म कर यार | हम लोगो के दर्द को समझ |
ध्रुव : अरे यार तुम लोगो को भी तो सर्व्नायक सीरीज में काम मिल रहा है न|
भोकाल : इनका देखो जरा खुद के तो दो दो ध्रुव के ऊपर कॉमिक्स बन रही है और हमको कह रहे है की सर्व्नायक में काम दे दिया | 
अन्थोनी : एक तो साला ये सर्व्नायक | मतलब की इस सीरीज की कॉमिक्स इतने दिनों के बाद आती है की साला मैं तो अपना रोले ही भूल जाते है हम लोग | 
तिरंगा: और तो और मतलब जबरन में हम लोगो को आपस में लडवा रहे है सर्व्नायक में|
ध्रुव : अरे यार बात तो सुनो|
भेड़िया : ऐ नीले पीले ज्यादा उन लोगो का समर्थन न कर| मतलब सरे कॉमिक्स हम लोगो की इत्ती बेज्ज़ती हो रही है और इनको अभी भी हमारा दर्द नहीं दिख रहा है |
शक्ति : हम लोगो के साथ पर्शिअलिटी हो रही है| 
डोगा : अबे चुप करो बे तुम सब | फालतू का रोना रो रहे हो |
स्टील : वाह रे डोगे फालतू का रोना| भूल गया अपनी दोस्ती |
परमाणु : अबे ये क्या याद रखेगा | इन सब में सबसे ज्यादा करामाती तो ये ससुर डोगा ही है| एक समय था जब हमारे में और उसके में तीसरे रैंकिंग के लिए जंग होती थी | कभी मैं आगेनिकल जाता था कभी ये | लेकिन साले की चालाकी देखो |
डोगा : अब मैंने क्या चालाकी कर दी बे ?
परमाणु : साले तूने अफवाह नहीं फैलाई की तेरी फिल्म आने वाली है | साला 5 साल से यही कह कर के अपनी कॉमिक्स निकलवा रहा है | 
डोगा : अबे अब इसमें मेरी क्या गलती बे | साला अनुराग कश्यप ने खुद मुझे चूतिया बना दिया | 
शक्ति : अरे अब औरो की क्या बात करे जब अपने संजय जी ही अपने नहीं रहे|
अन्थोनी : और क्या बताओ पूरी नागायण खली ध्रुव और नागराज को लेकर निपटा दी |
ध्रुव : अबे तो उस्मे तुम सब को क्या रोले देते ?
तिरंगा : अबे ठीक है तो नागायण न सही , नागभारत ही बना दे | हम सब को काम मिल जायेगा | हम सब से सौतेलो वाला व्यवहार होता है |
नागराज : अबे नहीं यार | क्या बात कर रहे हो | ऐसी कोई बात नहीं है | तुम सब अपने हो यार |
भेड़िया : अबे अपना तो तू भी नहीं है अनुपम सर का |
नागराज : क्यूँ बे ?
भेड़िया : एक बात बता | आज तक तू कभी ध्रुव को क्यूँ नहीं हरा पाया |
नागराज : मतलब |
परमाणु : अबे मतलब की अनुपम सर तेरी भी बजाने में पीछे नहीं है | वो तुझे ध्रुव की तरह अपना नहीं समझते |
नागराज कुछ देर के लिए सोचने लगता है |

संजय सर : अरे अनुपम सर | मैंने आपको चेताया था बहुत पहले की नागराज को हमेशा न हराया करिए | देख रहे है उसका नतीजा | अब वो भी उनके साथ मिल जायेगा | बैंड बज गयी हमारे मास्टरप्लान की |
फेनिल सर की आवाज़ गूंजती है : किसने लिया मेरी कॉमिक्स का नाम ?
अनुपम सर : अरे यार पहले इनको कोई चुप कराओ |

नागराज : यारो तुम सब सही कह रहे हो | कोई नहीं है यहाँ अपना | तू भी अपना नहीं है ध्रुव |
डोगा : अबे ये तू क्या बोल रहा है बे |
नागराज : सच बोल रहा हूँ डोगे | तू भी इधर आ जा वरना तेरी भी मेरी जैसी बजा दी जाएगी |
ध्रुव : अबे तुम दोनों मेरी बात सुनो …………
डोगा : न बेटा, नागराज सही कह रहा है | हमसब पराये ही है | भाइयो जोर से बोलो |
परमाणु : जय माता दी |
डोगा : अबे ये नहीं |
सब एक साथ : हमारी मागें पूरी करो |

क्या होगा संजय और अनुपम सर का ?

क्रमश:

Written By – Divyanshu Tripathi for Comic Haveli

Featured Image Credits – Streekaal 

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2 Comments on “Vidroh Part 1”

  1. वाह दिव्यांशु जी सुपर हीरो की पीड़ा निकलकर सामने आ रही है और क्या कहना बिचारी हमारे सुपर हीरो को कोई काम दे दो। Hero नहीं सही तो फिल्मों में विलेन ही बना दो । अब हमसे यह सब देखा नहीं जाता जोर से बोलो हमारी मांगे पूरी करो हमारी मांगे पूरी करो ।
    इसके पार्ट वन और पार्ट 2 तो आ चुके हैं पर इसकी एक और स्टोरी देखने की इच्छा है कृपया जल्द ही इसके सिक्वल को लेकर आइए

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